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________________ RECHANHAPRA अध्याय दूसरा । ---क्षायोपशमिक लब्धि का क्या स्वरूप है ? :-क्षायोपथमिक लटिय-पूर्व संचित कर्म पटल के अनुभाग स्पर्धकों की विशुद्धि के द्वारा प्रति समय ननन्त गुरिणत हीन होते हुए उदीररणा को प्राप्त होना शायोपशामिक लब्धि है । इस लब्धि के द्वारा जीव के परिणाम उत्तरोत्तर निर्मल होते जाते हैं। प्रश्न :--विशुद्धि लब्धि का क्या स्वरूप है ? उत्तर :--विद्धि लब्धि-साता बेदनीय अादि प्रशस्त प्रकृतियों के बन्ध में कारण . भूत परिणामों की प्राप्ति को विशुद्धि लब्धि कहते हैं। प्रश्न :-देशना लब्धि का क्या स्वरूप है ?. उत्तर :-देशना लब्धि-छहों द्रव्य और नौ पदार्थों के उपदेश को देशना कहते हैं । उक्त देशना के दाता आचार्य आदि की लब्धि को और उपदिष्ट अर्थ के ग्रहण, .. धारण तथा विचारणा की शक्ति को प्राप्ति को देशना लब्धि कहते हैं। प्रश्न :---प्रायोग्य लब्धि का क्या स्वरूप है ? . उत्तर :--प्रायोग्य लब्धि-वायु कर्म को छोड़कर शेष कर्मों की स्थिति को अन्तः कोड़ा कोड़ी सागर प्रमाग कर देना और अशुभ कर्मों में से घातिया कर्मों के अनुभाग को लता और दारू इन दो स्थानगत तथा अघातिया कर्मों के अनु...... भाग को नीम और कांजी इन दो स्थानगत कर देना प्रायोग्य लब्धि है। प्रश्न :- करण लब्धि का क्या स्वरूप है ? उत्तर :---करण ल—िकरगा भानों को कहते हैं.। सम्यग्दर्शन प्राप्त करने वाले करणोंभावों की प्राप्ति को करण लब्धि कहते हैं। इसके तीन भेद हैं-- अथाप्रवृत्तकरण नथवा अधःकरण, अपूर्वकरण और अनिवृत्तिकरण । जो ... करण-परिणाम इसके पूर्व प्राप्त न हुए हों उन्हें प्रथाप्रवृत्तक रंगा कहते हैं । इसका दूसरा सार्थक नाम अधःकरण है। जिसमें आगामी समय में रहने वाले जीवों के परिणाम पिछले समयवर्ती जीवों के परिणामों से . मिलते जुलते हो, उसे अधःप्रवृत्तकरण कहते हैं। इसमें समसमयवर्ती तथा विषमसमयवर्ती जीवों के परिणाम समान और असमान-दोनों प्रकार के होते हैं । जैसे पहले समय में रहने वाले जीवों के परिणाम एक से लेकर दस नम्बर तक के हैं और दूसरे समय में रहने वाले जीवों के परिणाम छह RANATONE
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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