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________________ ६५४ ] [ गो. प्र. चिन्तामरिण के ferves: श्वेतासो द्राविडी पापनीयकः । निःपिच्छचेति पचेते जैनाभासाः प्रकीर्तिताः ॥२०५३।। स्वस्वमत्यनुसारेण शिद्धान्त व्यभिचारिणः । प्रश्न :- भगवान तीर्थंकर के जन्माभिषेक के समय अपने-अपने इन्द्रों सहित चारों निकायों के देव प्राते हैं । उस समय इन्द्र को सवारी के इन्द्र को सात प्रकार की सेना चलती है । वह सातों प्रकार सो वह सेना तीर्थंकर भी किसी के गुर की सेना मुखानुवाद करती चलती है । भगवान के ही गुण गाती है या और माती है ? उत्तर :- सातों ही प्रकार की सेना नृत्य करती हुई चलती है ! उनमें से प्रथम सेना के देव, विद्याधर कामदेव और राजाधिराजों के चरित्र और गुण गाते हुए गमन करते हैं । दूसरी सेना के देव अर्द्ध मंडलीक सकल मंडलीक और महामंडलीक राजाओं के चरित्र और गुण गाते हुए तथा नृत्य करते हुए गमन करते हैं । तीसरी सेना के देव बलभद्र, नारायण और प्रतिनारायणों के बल वीर्य गुण श्रादि का वा उनके जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए तथा नृत्य करते हुए गमन करते हैं । चौथी सेना के देव चक्रवर्ती की विभूति तथा बल वीर्य आदि का गुण वर्णन करते हुए चलते हैं । पांचवी सेना के देव लोकपाल जाति के देवों का गुणानुवाद तथा उसी भव से मोक्ष जाने वाले वरमशरीरी मुनियों का गुणानुवाद करते हुए चलते हैं । की सेना के देव गणधर देव तथा ऋद्धिवारी मुनियों के गुण और यश का वर्णन करते हुए चलते हैं । सातवीं सेना के देव श्री तीर्थंकर के छियालीस गुणों का वा उनके जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए, गाते, नृत्य करते हुए गमन करते हैं । सो ही सिद्धान्त सार दीपक में लिखा है - प्रथमे नर्तकीनी के विद्याधर कामदेव राजाधिराजना चरित्रेण नदन्तोऽमराः गच्छन्ति । द्वितीये सकलाई महामंडलीकानां वरचरित्रेण नर्तनं कुर्वन्तः सुराश्च । तृतीये बलभद्र वासुदेव प्रतिवासुदेवानां वीर्यादिगुण निबंद्ध चरित्रेण नृत्यतो देवाः मच्छति । चतुर्थे चक्रवर्तिनां विभूति वीर्यादिगुस निबद्ध चरित्रेण महनर्तनं भजन्तोमराश्च । पंचमे चमरांगय तिलोकपाल सुरेन्द्राणां गुणरचित चरित्रेण नटन्तो निर्जराश्च । षष्ठे गणधर देवानां ऋद्धि ज्ञानादि गुणोत्पन्न वरचरित्रेण परं नृत्यं
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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