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________________ - NOPStry HTRAOne- - -- ७१२ । योम्मटसार नौवकाण्ड गाया ६३७ हार संख्यात मुरणा है । बहुरि यति शुक्र - महाशुक्र विर्षे असंयत का भागहार असंख्यात गुणा है । यात मिश्र का भागहीर असख्यात गुरणा है । यातै सासादन का भागहार संख्यात गुखा है । बहुरि यात शतार-सहस्रार विष प्रसंयत का भागहार असंख्यात गुणा है । यात मिश्र का भागहार असंख्यात गुणी है । यात सासादन का भाग हार संख्यात गुणा है । बहुरि यात ज्योतिषीनि विर्षे असंयत का भागहार असंख्यात गुरणा है । यात मिश्र का असंख्यात गुणा है । यति सासादन का भागहार संख्यात गुणा है। बहुरि यात व्यतरनि विर्षे असयत का भोगहार असंख्यात गुणा है। यात मिश्र को भागहार असंख्यात गुणा है । यात सासादन का भागहार संख्यात गुणी है। बहुरि यात भवनवासीनि विर्षे असंयत की भागहार असंख्यात गुणा है। यति मिश्र का भागहार असंख्यात मुला है। यात सासादन का भागहार संख्यात गुणा है। TRA .. .-. PARIWAND - - - -.-... . - बहरि यति तिर्यंचनि विर्षे असयत का भागहीर असंख्यात गुणा है। यातें मिश्र का भागहार असंख्यात गुणा है । याते सासादन का भागहार संख्यात गुणा है। याते तिर्यंच विर्षे ही देशसंयत का भागहार प्रसंख्यात गुणा है । सो जो देशसंयत विर्षे जो भागहार का प्रमाण है, सोई प्रथम नरक पृथ्वी विर्षे असंयत का भागहार है । यातें मिश्र का भागहार प्रसंख्यात गुरगी है । याते सोसादन का भागहार संख्यात गुणा है । बहुरि यात दूसरी नरैक पृथ्वी विर्षे असयत का भागहार असंख्यात गुणी हैं। यात मिश्र को भागहार असंख्यात गुणा है । यात सासादन का भागहार संख्यात गुणी है । बहुरि यात तीसरी नरक पृथ्वी विर्षे असयत का भागहार असंख्यात गुरंगा है। 'याते मिश्र का भांगहार अंसख्यात मुरगर है । यात सासादन का भागहार संस्थात गुणा है । याते चौथी नरक पृथ्वी विर्षे असंयत का भागहार प्रसंख्यात गुरगा है। यात मिश्र का भागहार असंख्यात गुणा है । यातें सासादन का भागहार संख्यात गुणा है। बहुरि याते पंचम नरक पृथ्वी विषं असंयत का भागहार असंख्यात गुणा है । याते मिश्र का भागहार असंख्यात गुणा है । यातै सासादन का भागहार संख्यात गुणा है। बहुरि यात षष्ठम पृथ्वी विर्षे असंयत का भागहार असंख्यात गुरणा है । यात मिश्र का भागहार असंख्यात गुस्सा है। याते सासादन का भागहार संख्यात गणा है। बहुरि यातें सप्तम नरक पृथ्वी विर्षे प्रसंयत का भागहार असंख्यात गुणा है। यात मिश्र का भागहार असंख्याल गुरगा है । यात सासादन का भागहार संख्यात गुणा है।
SR No.090410
Book TitleSamyaggyanchandrika
Original Sutra AuthorN/A
AuthorYashpal Jain
PublisherKundkund Kahan Digambar Jain Trust
Publication Year
Total Pages873
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Religion
File Size28 MB
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