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________________ ! १०० पद्मचरित और उसमें प्रतिपादित संस्कृति - छत्राकारपुर यह वर्द्धमान तीर्थंकर की पूर्वभव की राजधानी थी । विनीतानगरी - वसे अयोध्या भी कहते थे। इसमें ऋषभदेव तथा अनन्तयह अभिनन्दननाथ तीर्थंकर की राजधानी थी। यह नगरी नौ योजन चौड़ी तथा बारह योजन लम्बी थी। इसकी परिधि अद नाथ का जन्म हुआ था। सीस योजन थी ७७ । ७.७८ काशीपुरों७७७. - इस नगरी में सुपार्श्वनाथ तीर्थंकर का जन्म हुआ था । चन्द्रपुरी - इस नगरी में चन्द्रप्रभं तीर्थंकर का जन्म हुआ था । काकन्दी -इस नगरी में सुविधि (पुष्पदन्त) सीकर का जन्म हुआ ७७९ - इस नगर में शीतलनाथ भगवान् का जन्म हुआ था ! सिहपुरी 1- इस नगरी में श्रेयांसनाथ भगवान् का जन्म हुआ था । काम्पिल्यनगर ८ – इसमें विमलनाथ तीर्थंकर का जन्म हुआ था । रत्नपुरी १ – यह धर्मनाथ तीर्थंकर की जन्मनगरी थी 1 १८१ हस्तिनागपुर इस नगर में शान्ति कुन्यु तथा अरनाथ तीर्थकर का ७८० - जन्म हुआ था । मिथिला - इस नगर में मल्लिनाथ तथा नमिनाथ तीर्थंकर का जन्म हुआ था। ७५ शौरिपुर G यहां नेमिनाथ सीकर का जन्म हुआ था । वाराणसी - यहां पार्श्वनाथ तीर्थंकर का जन्म हुआ था। कुंण्डपुर ७८८ यहां वर्द्धमान तीर्थकर का जन्म हुआ था। पावा - यहाँ वर्तमान तीर्थंकर का निर्वाण हुआ था । हरिपुर७१० – यह नगर विजयार्द्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी में स्थित था । ७८१ ७७३ पद्म० २०।१६ । ७७५. वही, २०१४० ७७७. वही, २०१४३ | ७७९. वही, २०१४५ । ७८१, वही, २०४७ ७८३. वही, २०१५१ । ७८५. वही, २०५५ २०५७। ७८७. वही, २०५९ १ ७८९. बही, २०१६० । ७७४. १५० २०३७ । ७७६. वही, ८१/१२० । ७७८. वही, २०१४४ ७८०. वही, २०१४६ । ७८२. वहो, २०१४९ ७८४. वही, २०५२-५४ । ७८६. वही, २०५८ ७८८. वही २०/६० । ७९०. वही, २१।४ ।
SR No.090316
Book TitlePadmcharita me Pratipadit Bharatiya Sanskriti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRameshchandra Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages339
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Mythology, & Culture
File Size6 MB
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