SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 50
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ - --निमितशारत्रम - तो भोइयों का विनाश होगा। कुबेर की प्रतिमा के हाथों से धुवें से सहित पसीना निकले तो कायस्थों का नाश होगा । ___ यदि इन्द्र की प्रतिमा से धुवें से सहित पसीना निकले तो राजा का नाश होगा। भोगवइण कामो किण्णोपुण सङ्कलोपणा णयरे। अरहंत सिद्धबुद्धाजईणणासंपकुवंति॥८४|| अर्थ : कामदेव की प्रतिमा से धुआँ निकले तो आगम के बातों की हाजिर होगी। कृष्ण की प्रतिमा से धुआँ निकले तो समस्त जाति के मनुष्यों की हानि होगी। अरिहन्त, सिह और लकी गालिग से धुलिकले तो समस्त । जातियों का विनाश होगा। कच्छाइनझेसियचडियायपहणंतिसव्वमहिलाणं। उपमालियायपहणइ वाराही हणइ हत्थीण।।८५॥ अर्थ : चण्डिका देवी के बालों से धुआँ निकले तो स्त्रियों का नाश " होता है। वराही देवी के बालों से धुआँ निकले तो हाथियों का नाश होता। णाइणि गहभविणासंकरेइपणाणणासयरो। एदेजेसि यवुत्ताअसुहं कुवंतितेसुसया ॥८६|| अर्थ : नागिनी देवी के बालों से धुआँ निकले तो गर्भ का सर्वनाश ।
SR No.090300
Book TitleDavvnimittam
Original Sutra AuthorRushiputra Maharaj
AuthorSuvidhisagar Maharaj
PublisherBharatkumar Indarchand Papdiwal
Publication Year2003
Total Pages133
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Philosophy, & Religion
File Size3 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy