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________________ क्रम से २ कोस, १ कोस और १५७५ धनुष प्रमाण मोटे रह जाते हैं। प्रश्न : लोक में स्थित स्वर्ग और नरक कहाँ और कितनी ऊँचाई पर हैं ? उत्तर : मेरु पर्वत के नीचे वज्र व वैडूर्य पटलों के बीच में चौकोर संस्थान रूप से अवस्थित आकाश के आठ प्रदेश लोक का प है । लोकमध्य से ऊपर ऐशाघन स्वर्ग तक १३ राजू, माहेन्द्र स्वर्ग तक ३ राजू, ब्रह्मलोक तक ३३ राजू, कापिष्ठ स्वर्ग तक ४ राजू, महाशुक्र स्वर्ग तक ४३ राजू सहस्रार स्वर्ग तक ५ राजू, प्राणत स्वर्ग तक ५३ राजू, अच्युत स्वर्ग तक ६ राजू और लोकान्त तक ७ राजू ऊँचाई है। लोकमध्य से नीचे शर्करा पृथ्वी तक १ राजू, उसके नीचे पुनः पाँचों पृथ्वियाँ क्रमशः एक-एक राजू हैं। इस तरह सप्तम पृथ्वी तक ६ राजू और लोकान्त तक ७ राजू होते हैं।' ६. प्रश्न : लोक की चौड़ाई कहाँ कितनी है ? उत्तर : नीचे अधोलोक के मूल में चौड़ाई ७ राजू, मध्यलोक में रा. वा. अ. पृष्ठ २०६ - २०७ नया संस्करण । ६)
SR No.090247
Book TitleKarananuyoga Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages147
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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