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________________ Tre. मन : निगोशिसे निकलना हप्तराशि में रहने का काल अधिक से अधिक कितना है ? उत्तर : त्रस राशि में रहने का अधिक से अधिक काल साधिक २,००० सागर वर्ष है। १०६. प्रश्न : योग किसे कहते हैं ? उत्तर : पुद्गलविपाकी शरीर नामकर्म के उदय से मन-वचन-काय से युक्त जीव की कर्म ग्रहण में कारण-भूत शक्ति को योग कहते हैं अर्थात् भादयोग कहते हैं। इस शक्ति के कारण आत्मप्रदेशों में जो परिस्पन्दन उत्पन्न होता है, उसे द्रव्ययोग कहते हैं। ११०. प्रश्न : योग के कितने भेद हैं ? उत्तर : संक्षेप में योग के तीन भेद है (१) काययोग (२) वचनयोग और (३) मनोयोग। विस्तार से काययोग के सात भेद है(१) औदारिक-मिश्र काययोग (२) औदारिक काययोग (३) वैक्रियिक मिश्र काययोग (४) वैक्रियिक काययोग (५) आहारक मिश्र काययोग (६) आहारक काययोग और (७) कार्मण काययोग।
SR No.090245
Book TitleKarananuyoga Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages149
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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