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________________ १०५. प्रश्न : बादर निगोदिया जीय कहाँ-कहाँ नहीं रहते हैं ? उत्तर : पृथिवी, जल, अग्नि और वायु इन चार स्थावरों में, आहारक शरीर, देव-नारकियों का शरीर और केवली भगवान का शरीर इन आठ स्थानों में बादर निगोदिया जीव नहीं रहते हैं। १०६. प्रश्न : स्थावरकायिक और सकायिक जीवों का कैसा आकार है ? उत्तर : पृथिवीकालिक से वागुफाटिक पात: नीयों का आसार क्रमशः मसूर, जल की बिन्दु, सुइयों का समूह और ध्वजा के सदृश है। वनस्पतिकायिक और उसकायिक जीवों का आकार अनेक प्रकार का है। १०७. प्रश्न : स्थावरकायिक जीवों की उत्कृष्ट आयु का कितना प्रमाण है ? उत्तर : मृदु पृथिवीकायिक जीवों की उत्कृष्ट आयु १२,००० वर्ष, कठोर पृथिवीकायिक जीवों की २२,००० वर्ष, जलकायिक जीवों की ७,००० वर्ष, तेजकायिक जीवों की ३ दिन, वातकायिक जीवों की ३,००० वर्ष और वनस्पतिकायिक जीवों की उत्कृष्ट आयु १०,००० वर्ष प्रमाण है। (५५)
SR No.090245
Book TitleKarananuyoga Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages149
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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