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परिशिष्ट
(१) कर्म बन्ध, उदय और सत्ता विषय स्पष्टीकरण ।
(२) कालगणना : जैनदृष्टि ।
(३) तुलनात्मक मंतव्य |
( ४ )
बन्ध यन्त्र |
(५)
उदय यन्त्र |
(६) उदीरणा यन्त्र |
(७) सत्ता यन्त्र |
(८) गुणस्थानों में बन्धादि विषयक
यन्त्र |
( 8 ) उदय अविनाभावी प्रकृतियों का विवरण |
(१०) कर्मप्रकृतियों का बंध निमित्तक विवरण |
(११) सत्ता प्रकृतियों का विवरण । १२) गुणस्थानों में कर्मप्रकृतियों के बन्ध, उदय, उदीरणा, सत्ता का विवरण |