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________________ ०६२ ] उत्तरपत्र डिउदीरणाए ठाणा भागाभागादिश्र णियां गद्दाराणि १४६ ० ३३०. संपहि पत्थुसे सुगमतादो चुण्णिमुतेणारूविदाणं भागाभाग परिमाणखेत-पोसणाणं परूवणमुच्चारणावतंत्रणेण कस्सामो। तं जहा - भागाभागानुगमेण दुबिहो विदेसो-- श्रघेण देण य । ओषेण लब्जीमपत्रे ० सव्यजी ० केवडिओ भागो ? अता भागा | सेसमांत भागो । एवं तिरिक्खा । आदेसेण खेरइय० २६ पवे० सवजी ० केव० भागो ? असंखेजा भागा । सेसप० असंखे० भागो । एवं सच्चखेरड्य० सव्वपंचिदियतिरिक्ख मणूस-मास या भवनादि आप सहरसाएयचि । मणुसपज ०मणु सिणी० २८५० के० १ संखे भागा । सेसपदपवे० संखेज दिभागो | श्राणदादि एवमेव त्ति २८ संखेज्जा भागा । २६ २४ २१ संखेजदिभागो । २७२५ २२ सच्चजी० असंखे० भागो । अणुद्दिसादि अवराजिदा ति २८ पवे० संखेजा भागा । २४ २१ संखे० भागो । २२ श्रसंखे० भागो । एवं सव्वट्टे । वरि संखे कादव्वं । एवं जाव० । ३३१. परिमाणाणु० दुविहो णिद्देसो- श्रघेण आदेसेण य । श्रघेण २६ पर्व० केति ० १ अांता । २८ २७२४ २२ २१ पचे० केत्ति ० १ असंखेज्जा | सेससच्चपदा संखेज्जा । आदेसेण खेरइय० सम्पदा केत्ति ? असंखेज्जा । एवं O ३३०. अब इस स्थान पर सुगम होनेसे चूर्णसूत्रकारके द्वारा नहीं कहे गये भागाभाग, परिमाण, क्षेत्र और स्पर्शनकी प्ररूपणा उच्चारणाका अवलम्बन लेकर करते हैं। यथा-भागाभागानुगमकी अपेक्षा निर्देश दो प्रकारका है - ओघ और आदेश | ओबसे मी प्रकृतियों के प्रवेशक जीव सब जीवोंके कितने भागप्रमाण हैं ? अनन्त बहुभागप्रमाण हैं। शेष पदों के प्रवेशक जीव अनन्तवें भागप्रमाण हैं। इसी प्रकार सामान्य विर्यों में जानना चाहिए । आदेश से नारकियोंमें २६ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव सब जीवोंके कितने भागप्रमाण हैं ? असंख्यात बहुभाग प्रमाण हैं। शेष पदके प्रवेशक जीव असंख्यात भागप्रमाण हैं ? इसी प्रकार सब नारकी, सब पंचेन्द्रिय तिर्यश्व, सामान्य मनुष्य, मनुष्य अपर्याप्त सामान्य देव और भवनवासियोंसे लेकर सहस्रार कल्पतकके दयामं जानना चाहिए। मनुष्य पर्याप्त और मनुष्यिनियों में २६ प्रकृतियों के प्रवेशक जीव कितने हैं ? संख्यात बहुभागप्रमाण हैं। शेष पद के प्रवेशक जीव संख्यातवें भागप्रमाण हैं । श्रानत कल्पसे लेकर नौ मैवेयक तकके देवों में २८ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव संख्या बहुभाग प्रमाण हैं । २६, २४ और २१ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव संख्यातवें भागप्रमाण हैं । २७, २५ और २२ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव सब जीवोंके असंख्यातवें भागप्रमाण हैं । अनुदिशसे लेकर अपराजित तकके देवोंमें २८ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव संख्यात बहुभागप्रमाण हैं । २४ और २१ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव संख्यातवें भागप्रमाण हैं तथः २२ प्रकृतियोंके प्रवेशक जीव असंख्यातवें भागप्रमाण हैं । इसीप्रकार सर्वार्थसिद्धि में जानना चाहिए। किन्तु इतनी विशेषता है कि असंख्यातवें भाग के स्थान में संख्यातवें भाग करना चाहिए। इसीप्रकार अनाहारक मार्गणा तक जानना चाहिए । १३३१. परिमाणानुगमकी अपेक्षा निर्देश दो प्रकारका है - ओघ और आदेश । श्रघसे २६ प्रकृतियों के प्रवेशक जीव कितने हैं ? अनन्त हैं । २८, २७, २४, २२ और २१ प्रकृतियों के प्रवेशक जीव कितने हैं ? असंख्यात हैं। शेष सब पदके प्रवेशक जीव संख्यात हैं। आदेश से
SR No.090222
Book TitleKasaypahudam Part 10
Original Sutra AuthorGundharacharya
AuthorFulchandra Jain Shastri, Kailashchandra Shastri
PublisherMantri Sahitya Vibhag Mathura
Publication Year1967
Total Pages407
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Karma, & Religion
File Size13 MB
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