SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 348
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ गा० ५८ ] उत्तरपडिपदेस संकमे भजगारो ३२१ * जहण्णेण एयसमभो । ४०२. एदं पि सुगमं; इत्थिवेदप्पयरजहण्णकालैण समाणपरूवणत्तादो । *उकस्सेण बे छावद्विसागरोवमाणि तिरिण पलिदोवमाणि सादि रेयाणि । ९४०३. एदस्स वि कालस्स परूवणा इत्थिवेदप्पदरुकस्सकाले समाणा वरि पढमं तिपलिदोवमिसु पन्जिय णवुंसयवेदस्सप्पयर संक्रमं कुणमाणो तदवसाणे सम्मत्तलंभेण वेछावट्टिसागरोमाणि संखेज वस्सा हियाणि हिंडावेयन्त्रो । * सेसापि इत्थोवेदभंगो । ९४०४. सेसाणि भुजगारावतव्त्रपदाणि णवुंसयवेदपडिबद्धाणि इत्थिवेदभंगेणाणुगंतन्त्राणि, भुजगारस्स जहण्ोण एयसमओ, उकस्सेण अंतोमुहुचं, अत्रत्तव्वस्स जहण्णुकस्से एयसमओ त्ति देण भेदाभावादो । * हस्स-रह-अरइसोगाणं भुजगार- अप्पयरसंकमो केवचिरं कालादो होदि ? ४०५. सुगमं । * जहण्णेण एयसमत्र । * जघन्य काल एक समय है । ६४०२. यह सूत्र भी सुगम है, क्योंकि स्त्रीवेदके अल्पतरसंक्रमके जघन्य कालके समान इसका कथन है । * उत्कृष्ट काल तीन पल्य अधिक दो छ्यासठ सागरप्रमाण है । ९४०३. इस कालकी प्ररूपणा स्त्रीवेदके अल्पतरसंक्रमके उत्कृष्ट कालके समान है । इतनी विशेषता है कि सर्वप्रथम तीन पल्यकी आयुवालोंमें उत्पन्न होकर नपुंसकवेदके श्रल्पतरसंक्रमको करके उसके अन्तमें सम्यक्त्वकी प्राप्तिके साथ संख्यात वर्ष अधिक दो छयासठ सागर काल तक परिभ्रमण करावे | * शेष पदों का भङ्ग स्त्रीवेदके समान है । § ४०४. नपुंसकवेदसे सम्बन्ध रखनेवाले शेष भुजगार और अवक्तव्यपर स्त्रीवेद के भङ्गके समान जानने चाहिए, क्योंकि भुजगारसंक्रमका जघन्य काल एक समय है । और उत्कृष्ट काल मुहूर्त है तथा अवक्तव्यसंक्रमका जघन्य और उत्कृष्ट काल एक समय है इस प्रकार इस द्वारा दोनोंके कथन में कोई भेद नहीं है । * हास्य, रति, अरति और शोकके भुजगार और अन्पतर संक्रमका कितना काल है ? ९४०५. यह सूत्र सुगम है । * जघन्य काल एक समय है । ४१
SR No.090221
Book TitleKasaypahudam Part 09
Original Sutra AuthorGundharacharya
AuthorFulchandra Jain Shastri, Kailashchandra Shastri
PublisherBharatvarshiya Digambar Jain Sangh
Publication Year2000
Total Pages590
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Karma, & Religion
File Size19 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy