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________________ गोम्मटसार कर्मकाण्ड-१० समाधान स्वरूप गाथा कहते हैं - घादिव वेयणीयं, मोहस्स बलेण घाददे जीवं ।। इदि घादीणं मज्झे. मोहस्सादिम्हि पढिदं तु ॥१९॥ अर्थ - वेदनीयकर्म मोहनीयकर्म के बल से ही घातियाकर्मों के समान जीवों के (अव्याबाथ) गुणों को घातता है, इसलिए घातिया के मध्य में मोहनीय के पहले इसको कहा है। विशेषार्थ - घातियारूप मोहनीयकर्म के रति-अरतिरूप उत्तरभेदों के उदय से ही वेदनीयकर्म जीवगुणों (अव्याबाधगुण) को घातता है। सुख-दुःख-स्वरूप साता-असाता के कारणभूत इन्द्रियविषयों को एकत्र कर उनका अनुभव कराता है, इसलिए घातियाकर्मों के बीच में मोहनीय के पहले वेदनीय को रखा गया है। वस्तु का स्वभाव अच्छा या बुरा नहीं है, जब तक राग-द्वेष रहते हैं तभी तक यह जीव किसी को इष्ट और किसी को अनिष्ट समझता है, क्योंकि एक वस्तु किसी को अच्छी नहीं लगती तो, वही वस्तु किसी को अच्छी लगती है। जैसे - कटु रसवाला नीम का पत्ता मनुष्य को अप्रिय लगता है, किन्तु वहीं ऊँट को प्रिय लगता है। इससे सिद्ध होता है कि वस्तु अप्रिय या प्रिय नहीं है। यदि वस्तु ही वैसी हो तो दोनों को एकसमान लगनी चाहिए। इस कारण यह सिद्ध हुआ कि मोहनीयकर्मरूप राग-द्वेष के निमित्त से एवम् वेदनीय का उदय होने पर ही इन्द्रियों से उत्पन्न सुख तथा दुःख का अनुभव होता है। मोहनीय के बिना वेदनीय कर्म, राजा के बिना निबंल सैन्य की तरह कुछ नहीं कर सकता। अर्थात् इन्द्रियजनित सुख-दुःख का वेदन नहीं करा सकता, किन्तु अव्याबाधगुण का तो घात करता ही है।। इस प्रकार कर्मों का जो पाठक्रम सिद्ध हुआ उसका उपसंहार करते हैं - णाणस्स दसणस्स य, आवरणं वेयणीयमोहणियं । आउगणामं गोदंतरायमिदि पढिदमिदि सिद्धं ॥२०॥ अर्थ - ज्ञानावरण, दर्शनावरण, वेदनीय, मोहनीय, आयु, नाम, गोत्र और अन्तराय इस प्रकार जो पाठ का क्रम है वह पहले पाठक्रम के समान ही सिद्ध हुआ। अब दृष्टान्त द्वारा कर्मों के स्वभाव को कहते हैं - पडपडिहारसिमज्जाहलिचित्तकुलालभंडयारीणं । जह एदेसिं भावा, तहवि य कम्मा मुणेयव्वा ॥२१॥ १. प्रा. पं. सं. प्रकृ. समु. गाथा ३ ।
SR No.090180
Book TitleGommatasara Karma kanda
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherShivsagar Digambar Jain Granthamala Rajasthan
Publication Year
Total Pages871
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Discourse, Philosophy, & Religion
File Size20 MB
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