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गुणस्थान
गोम्मटसार कर्मकाण्ड-१७८ एक जीव के एककालसम्बन्धी बन्धयोग्यप्रकृतियों की गुणस्थानापेक्षा सन्दृष्टि मोहनीय
एकजीव के एक काल में बन्धयोग्य कुल
प्रकृतियाँ
नाम
ज्ञानावरण दर्शनावरण
वेदनीय
आयु
गोत्र
अन्तराय
मिध्यात्व
१
१५ / ६७-६९-७०-७२-७३-१४
२३-२-२६-२८-२९-३०
२८-२९-३०
सासादन
७१-७२-७३
'मिश्र
६३-६४
२८-२९ २८-२९-३०
અસંયલ देशसंयत
६४-६५-६६ ६०-६१
प्रमत्त
२८-२९
२८-२९ २८-२९-३०-३१
अप्रमत्त
५६-५७-५८-५९ ५५-५६-५७-५८-२६
२८-२९-३०-३१-१
अपूर्वकरण अनिवृत्ति - | करण
२२-२१-२०-१९-१८
सूक्ष्म -
साम्पराय उपशान्तमोह ० क्षीपमोह सयोगी अयोगी
कुल योग | ५|२-६१
२३-२५-२६-२८
७४-७३-७२-७१-७०
२२-२१-१७] १ १३-९-५-४
-२९-३०-३१-१
६९-६६-६५-६४-६३६१.६०.५२-५८-५७५६-५५-२६-२२-२१२०-१९-१८-१७
और. १