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________________ गोम्मटसार कर्मकाण्ड-१०२ विशेषार्थ - ४७ ध्रुवबन्धीप्रकृतियोंके बिना शेष ७३ प्रकृतियोंमें से तीर्थकर, आहारकद्विक, परघात, उच्छ्वास, आतप, उद्योत और चारआयु ये ग्यारहप्रकृतियाँ अप्रतिपक्षी हैं, क्योंकि इनका कोई प्रतिपक्षी नहीं है। इन प्रकृतियोंका जिसकाल में बन्ध होता है उस काल में बंधती है और जिसकाल में बन्ध नहीं होता है उस काल में नहीं बंधती है। जैसे - तीर्थङ्करप्रकृतिका बन्ध जिसकाल में होता है उसी काल में बंधती है। अवशेष ६२ प्रकृतियाँ सप्रतिपक्षी हैं, क्योंकि इनकी प्रतिपक्षी प्रकृतियाँ हैं। एकसमय में एकका ही बन्ध होगा जैसे - सातावेदनीय, असातावेदनीय ये दोनों परस्पर में प्रतिपक्षी हैं। मोहनीय में रति-अरति प्रतिपक्षी हैं, हास्य-शोक प्रतिपक्षी है; तीनों वेद परस्पर प्रांतेधश । इसमें से एक-एक का ही बन्ध होता है। नामकर्म में चार गति प्रतिपक्षी हैं, पाँच जाति परस्पर प्रतिपक्षी है। इनमेंसे एकसमय में एकका ही बन्ध होगा, दोनों का एक साथ बन्ध नहीं होगा। आत्मा के संक्लेश व विशुद्धिरूप परिणाम होते हैं, उन संक्लेश व विशुद्ध परिणामों के द्वारा साता-असातावेदनीयकर्म तथा पुरुष स्त्री-नपुंसकवेद आदिके बन्ध में परिवर्तन होता रहता है। इस कारण कभी किसी प्रकृतिका तो कभी किसी प्रकृतिका बन्ध होता रहता है। आगे इन अध्रुवप्रकृतियों के सादि और अध्रुवबन्ध ही क्यों कहा? इसके उत्तरस्वरूप गाथा कहते हैं - अवरो भिषणमुहुत्तो तित्थाहाराण सव्वआऊणं । समओ छावट्ठीणं बंधो तम्हा दुधा सेसा ।।१२६ ॥ अर्थ - तीर्थङ्कर, आहारकद्विक और चारआयु इन सातप्रकृतियों का निरन्तर बँधने का काल जघन्य से अन्तर्मुहूर्त है, शेष ६६ प्रकृतियों का निरन्तर बँधने का काल जघन्य से एकसमय है। इसके पश्चात् इनका बन्ध रुक जाता है। अतः इन ७३ प्रकृतियों में सादि और अध्रुवबन्ध सिद्ध हुआ। इस प्रकार से प्रकृतिबन्धका स्वरूप समझना। ॥ इति प्रकृतिबन्ध॥ *** अथ स्थितिबन्ध अब मूल प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट स्थिति कहते हैं - तीसं कोडाकोडी तिघादितदियेसु वीस णामदुगे। सत्तरि मोहे सुद्धं उवही आउस्स तेतीसं ॥१२७ ।।
SR No.090180
Book TitleGommatasara Karma kanda
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherShivsagar Digambar Jain Granthamala Rajasthan
Publication Year
Total Pages871
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Discourse, Philosophy, & Religion
File Size20 MB
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