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।। श्रीवीतरागाय नमः ।।
श्रीमन्नेमिचन्द्र-सिद्धान्तचक्रवर्ती-विरचित
गोम्मटसार-जीवकाण्ड
* हिन्दीटीका-प्रेरक से (स्व०) प्राचार्यकल्प १०८ श्री श्रुतसागर जी महाराज
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* हिन्दीटीकाकार के (स्व०) अ. पं. रतनचन्द जैन मुख्तार, सहारनपुर
के सम्पादक * पं. जवाहरलाल जैन सिद्धान्तशास्त्री, भीण्डर
* प्रकाशक ॐ प्राचार्यश्री शिवसागर दिगम्बर जैन ग्रन्थमाला
शान्तिवीरनगर, श्रीमहावीरजी (राज.)