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________________ प्रकाशित - ग्रंथ ८ जंबूदीवपण्णत्ती संग्रह - आचार्य पद्मनंदीकृत जैन भूगोल विषय. प्राचीन प्राकृत ग्रंथ (दसवी शताब्दि). हिन्दी अनुवादक पं. बालचंद्र शास्त्री. तिलोय पण्णत्ती गणित. विस्तृत हिन्दी निबंध. ले. प्रो. लक्ष्मीचंद्र जैन. काऊन १४८, पृ. ५०० प्रथम संस्करण इ. सन १९५७. मूल्य रु. १६. ९ भट्टारक संप्रदाय - संपादक डॉ. विद्याधर जोहरापुरकर. सेनगण-बलात्कारगण-काष्ठासंघ भट्टारकों का प्राचीन इतिहास. साहित्यिक शिलालेख सहित. साइज डेमी १४८, पृष्ठ १४ + २९ + ३२६. प्रथम संस्करण इ. सन १९५८. मूल्य रु. ८. १० कुन्दकुन्द प्राभृत संग्रह- संपादक- पं. कैलाशचंद्रजी शास्त्री. आचार्य कुंदकुंद के समग्र ग्रंथों का विषयानुसार वर्गीकरण-अध्ययन-समयसार ग्रंथ का संपूर्ण अनुवाद-विस्तृत प्रस्तावना - साइज डेमी १/८, पृष्ठ. १० + १०६ + १०+२+ ८ प्रथम संस्करण इ. सन १९६० ____ मूल्य रु. ६. ११ पद्मनंदी पंचविंशति- पद्मनंदी आचार्यकृत संस्कृत २४ और प्राकृत २ प्रकरणों का संग्रह. (बारहवी शताब्दि) टीकाकार -- (अज्ञात) - हिंदी अनुवादक-पं. बालचंद्र शास्त्री. बिस्तृत प्रस्तावना (अंग्रेजी तथा हिंदी) क्राउन साइज १/८, पृष्ठ ८ + ६४ + २८४ प्रथम संस्करण इ. सन १९६२ मूल्य रु. १०. १२ आत्मानुशासन आचार्य गुणभद्रकृत प्राचीन संस्कृत ग्रंथ (९ वी शताब्दि) आध्यात्मिक उपदेशपर सुभाषित-संस्कृत टीकाकार-आचार्य प्रभाचंद्र. हिंदी अनुवादक पं. बालचंद्र शास्त्री. विस्तृत प्रस्तावना (हिंदी और अंग्रेजी).साइज डेमी १८, पृष्ठ ८+११२+ २६०. प्रथम संस्करण इ. सन १९६१. मूल्य रु. ५-०० द्वितीय संस्करण १९७३ मूल्य रु. ७. १३ गणितसारसंग्रह - महावीराचार्यकृत. प्राचीन संस्कृत ग्रंथ. (९ वी शताब्दि) भारतीय गणित शास्त्र में महत्त्वपूर्ण स्थान हिंदी अनुवाद - विस्तृत प्रस्तावना- सूची और तालिकाओं सहित. संपादक प्रो. लक्ष्मीचंद्र जैन. क्राउन साइज १/८, पृष्ठ १६ + ३४ + २८२ + ८६. प्रथम संस्करण इ. सन १९६३. मूल्य रु. १२. १४ लोकविभाग- सर्वनन्दी आचार्यकृत जैन भूगोल विषयक प्राचीन प्राकृत ग्रंथ (शक सं. ३२२) का सिंहसूरिकृत संस्कृत रूपांतर- हिंदी अनुवाद-प्रस्तावना-संपादक पं. बालचंद्रशास्त्री. क्राउन साइज १/८ पृष्ठ ८ । ५२ + २५६. प्रथम संस्करण इ. सन १९६२ मूल्य रु. १०. १५ पुण्यात्रव कथाकोष- श्रीरामचंद्र कृत संस्कृत कथाग्रंथ. हिंदी अनुवाद-पं. बालचंद्र शास्त्री. ऋाउन १/८, पृष्ठ. ४८+ ३६८ इ. सन १९६४ मूल्य रु.१०. १६ Jainism in Rajasthan, लेखक प्रो. कैलाशचंद्र जैन, अजमेर. राजस्थान का प्राचीन जैन • इतिहास. साहित्यिक शिलालेख. क्राउन १/८, पृष्ठ ८+ २८४. प्रथम संस्करण इ. सन १९६३. मूल्य रु. ११. १७ विश्वतत्त्वप्रकाश - आचार्य भावसेन कृत प्राचीन संस्कृत ग्रंथ (१३ वी शताब्दि)-विभिन्न दार्शनिकों का जैन दार्शनिक दृष्टि से परीक्षण. हिंदी सारांश अनुवाद. प्रस्तावना (जैन तार्किक साहित्य शीर्षक विस्तृत निबंध) सहित. संपादक डॉ. विद्याधर जोहरापुरकर. साइज डेमी १/८, पृष्ठ. १६ + ११२ + ३९२. प्रथम संस्करण १९६४. मूल्य रु. १२.
SR No.090136
Book TitleDharmaratnakar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJaysen, A N Upadhye
PublisherJain Sanskruti Samrakshak Sangh
Publication Year1974
Total Pages530
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Principle
File Size38 MB
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