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________________ दव्यसंगह ॐ अनुक्रमणिकाजी गाथा क्र. विषय मंगलाचरण जीव के अधिकार जीवाधिकार उपयोग के तथा दर्शनोपयोग के भेद ज्ञानोपयोग के आठ भेद उपयोगाधिकार का उपसंहार अमूर्तिकाधिकार कर्त्ताधिकार भोक्ताधिकार 10 स्वदेह परिमाणाधिकार जीव की संसारी अवस्था जीवों के चौदह जीवसमास मार्गणा व गुणस्थान की अपेक्षा जीवों के भेद सिद्धत्व एवं ऊर्ध्वगमनाधिकार अजीवद्रव्य के भेद पुद्गल द्रव्य की पर्यायें धर्म द्रव्य का लक्षण अधर्म द्रव्य का लक्षण आकाश द्रव्य का स्वरूप एवं भेद लोक-अलोकाकाश का लक्षण कालद्रव्य का लक्षण एवं भेद निश्चयकाल का लक्षण द्रव्य वर्णन का उपसंहार एवं अस्तिकाय के वर्णन की प्रतिज्ञा अस्तिकाय का लक्षण द्रव्यों को प्रदेश संख्या परमाणु के बहुप्रदेशीत्व की सिद्धि प्रदेश का लक्षण पदार्थों का कथन करने की प्रतिज्ञा 19
SR No.090129
Book TitleDravyasangrah
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandramuni
PublisherBharatkumar Indarchand Papdiwal
Publication Year2000
Total Pages121
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Philosophy, & Religion
File Size2 MB
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