SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 68
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ६४ ] [ चिविलास शुद्ध द्रव्यनेगम के चार भेद हैं :- शुद्ध द्रव्यऋजुसूत्र, शुद्धद्रव्यशब्द, शुद्धद्रव्यसमभिरूढ़ और शुद्धद्रव्य-एवंभूत । तथा अशुद्धद्रव्यनगम के भी चार भेद हैं :-- अशुद्धद्रव्यऋजुरूत्र, अशुद्धद्रव्यशब्द, अशुद्धद्रव्यसमभिरूढ़ और अशुद्धद्रव्यएवंभूत । इसप्रकार द्रव्यनगम के आठ भेद है। पर्यायनगम के तीन भेद हैं:-- अर्थपर्यायनैगम, व्यञ्जनपर्यायनैगम और अर्थव्यञ्जनपर्यायनंगम । अर्थपर्यायनगम के तीन भेद हैं :- ज्ञानार्थपर्यायनगम, ज्ञयार्थपर्यायनैगम और ज्ञानज्ञ यार्थपर्यायनंगम । व्यञ्जनपर्यायनैगम के छह भेद हैं :- शब्द्रव्यञ्जनपर्यायनंगम, समभिरूढव्यञ्जनपर्यायनगम, एवंभूतव्यञ्जनपर्यायनेगम, शब्द-समभिरूढ़व्यञ्जनपर्यायनगम, शब्द-एवंभूतव्यजनपर्यायनैगम और समभिरूढ़-एवंभूतव्यञ्जनपर्यायनैगम । अर्थ-व्यञ्जनपर्यायनंगम तीन प्रकार का है :- शब्द-अर्थव्य जमपर्यायनैगम, समभिरूढ़-अर्थव्यञ्जनपर्यायनैगम और एवंभूत-अर्थव्यम्जनपर्यायनंगम । द्रव्याथिक नय १. द्वयणुक आदि निरपेक्ष शुद्धद्रव्यार्थिकनय से पुद्गल १. यहाँ द्रव्याथिकनय को पुद्गलद्रव्य पर घटित किया है, जबकि अन्यत्र शास्त्रों में जीव पर घटाया गया है ।
SR No.090125
Book TitleChidvilas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipchand Shah Kasliwal
PublisherKundkund Kahan Digambar Jain Trust
Publication Year
Total Pages160
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Spiritual
File Size2 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy