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________________ बंगर मंजेश्वर | 183 प्रतिमाएँ हैं । प्रवेशद्वार के सिरदल पर कोष्ठ में ही पद्मासन मुद्रा में एक तीर्थकर प्रतिमा उत्कीर्ण है जो अधिक स्पष्ट रूप से लक्षित नहीं है। छोटे-से प्रवेशमण्डप के बाद एक छोटा खाली कोष्ठ है। उसके बाद पीतल या कांस्य की मनोहर प्रतिमाओं का बहुत सुन्दर संग्रह है। ऊपर की पंक्ति में पाँच कांस्य-प्रतिमाएँ हैं तो नीचे दाहिनी ओर चार तथा बाईं ओर चार कांस्य-मूर्तियाँ हैं। ये सभी कायोत्सर्ग मुद्रा में मकर-तोरण से अलंकृत हैं। सबसे नीचे की पंक्ति में भी ऐसी ही छह कांस्य-प्रतिमाएँ और हैं। इसी कोष्ठ में, केन्द्र में, कांस्य की एक चौबीसी है जिसके मूलनायक पार्श्वनाथ हैं और शेष तीर्थंकर पद्मासन में हैं। कायोत्सर्ग मुद्रा में ही छत्रत्रयी और मकर-तोरण से सज्जित दो कांस्य-प्रतिमाएँ हैं। उनसे भी बड़ी किन्तु यक्ष-यक्षी सहित पार्श्वनाथ प्रतिमा तीन छत्र, मकर-तोरण और कीर्तिमुख सहित है । सुपार्श्वनाथ की एक बहुत ही मनोहारी कांस्य मूर्ति भी यहाँ है जिसका अलंकरण अत्यन्त लुभावना है। उस पर पाँच फण और यक्ष-यक्षी उत्कीर्ण हैं। इन प्रतिमाओं की वेदी सादे पत्थर की है। इसी कक्ष में लकड़ी की बिलकुल सादी वेदी में कांस्य की ही ब्रह्मदेव (घोड़े पर), पद्मावती (फण सहित), कूष्मांडिनी और सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाएँ हैं। यहीं गणधरपाल ओर ताँबे का सिद्धयन्त्र भी हैं। गर्भगृह छोटा है, उसकी वेदी भी साधारण पत्थर की है। उस पर एक चौबीसी विराजमान है जिसके मूलनायक आदिनाथ कायोत्सर्ग मुद्रा में हैं और शेष तीर्थंकर पद्मासन मुद्रा में। कांस्य की एक बहुत छोटी चौबीसी भी यहाँ है जिसके मूलनायक पार्श्वनाथ कायोत्सर्ग मुद्रा में हैं और शेष तीर्थंकर पद्मासन में । पार्श्वनाथ की ही एक अन्य कांस्य प्रतिमा छत्रत्रयी और मकरतोरण से संजोई गई है। ___मन्दिर की छत नीची, ढलुआ और लकड़ी की है। उस पर या दीवालों पर कोई कारीगरी नहीं है । गर्भगृह और प्रतिमा-प्रकोष्ठ में अँधेरा है। प्रदक्षिणा-पथ भी नहीं है। उसके चारों ओर घूमकर देखने से स्पष्ट हो जाता है कि मन्दिर के जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। एक ही साधनहीन कृषक परिवार इस सुदूर प्रदेश में मन्दिर की कब तक रक्षा कर सकेगा! यात्रियों को सहायता करनी चाहिए। उपर्युक्त मन्दिरों से सम्बन्धित पते इस प्रकार हैं 1. श्री दिगम्गर जैन चतुर्मुख बसदि c/o श्री वी. पद्मराजेन्द्र । चेट्टियारपेट (Chettiarpet) पो. ऑ. बंगर-मंजेश्वर (Bangar Manjeshwar) Pin 670323 जिला-कासरगोड (Kasargod), Kerala 2. श्री जैन बसदि C/o श्री जयराम इन्द्र चेरियार Near Kerala Dinesh Beedi Bldg. पो. ऑ. बंगर मंजेश्वर (Bangar Manjeshwar)-670323 • ज़िला-कासरगोड (Kasargod), Kerala
SR No.090100
Book TitleBharat ke Digambar Jain Tirth Part 5
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRajmal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year1988
Total Pages424
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Pilgrimage, & History
File Size23 MB
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