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________________ नाम ऊंचाई लम्बाई विस्तार ति. प. ४ रा.वा.३।३४ हपृ.॥ | गा. | वा.प. प. | गा. त्रि. सा. ।। गा.. | यो. । यो. या दिग्गजेन्द्र जम्बूढीपवत धातकीवत मेह व इष्वाकार। | २८१२ | ५।१९७४ । ५८९ विस्तार दक्षिण उत्तर । पूर्व पश्चिम __ यो. । यो. विजयाधं | उपरोक्त' उपरोक्त नियम | स्वक्षेत्रवत् २८२६ / +उपरोक्त सामान्य नियम जम्बूद्वीपवत निम्नोक्त जंबूद्वीप से चौगूना २८२७ | +उपरोक्त सामान्य नियम वक्षार गजदन्त अभ्यन्तर २०१३ १६२६११६ २०४२२१६ बाह्य २०१४ विस्तार गहराई मूल | मध्य | ऊपर ! ८. ६३४०+ ११५६ मानुषोत्तर पर्वत मानुषोत्तर के १७२१ | चौथाई १०२२/ ७२३ / ४२४ । २७४६ / ६/१९७/८ | लोक ६।४।३में कथित नियमानुसार ६४२ ४३०१ दृष्टि सं० १ दृष्टि सं० २ ४३० ४३०१२१५३ | ५०० ३७५ | २५० | | ६/१९७/१६ ६०० श्रेणी श्रेणी का रा वर्ग मूल-सातवी पृ. के नारकी। इस प्रकार संख्या समाप्त हुई। नरक पटलों में से सीमन्त बादिक दो पटलों में संस्थान वर्ष की बायु है, तीसरे में संस्थात व अस्मात वर्ष की आयु है, और मागे के
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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