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________________ ७. शेष द्वीपों के पर्वतों व कटों का विस्तार १. घात को खण्ड के पर्वत नाम ऊंचाई --- - - - -. -. रा.बा३।३३।' ह. पु. । 'त्रि. सा. ज. प.। लम्वाई । विस्तार : ति. प. ॥४॥ गा.' । बा. !पृ.। पं.। ५१ गा. . ।गा. अगा. पर्वतों के विस्तार व ऊंचाई सम्बन्धी सामान्य नियम : कुलाचल जम्बूद्वीपवत् | स्वदीपवत् | जम्बूद्वीप से २५४४-२५४६ | ५११९५१२० ४६७.५०९ | विजया वक्षार गजदन्त दृष्टि सं० १ । दृष्टि सं० २ उपरोक्त सर्व | जम्बूद्वीपवत् पर्वत वृषभगिरि यमक कांचन दिग्गजेन्द्र विस्तार | दक्षिण उत्तर पूर्व पश्चिम इष्वाकार ४६५ १२५ | ११।४ विजयार्थ | ४०० यो. | स्वद्वीपबत् , १००० यो. २५३३।६।१६५।२६ जम्बूद्वीपवत् | जम्बूद्वीप से स्वक्षेत्रवत् ।२६०७ - उपरो क्त सामान्य नियम
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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