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________________ | माल्यवान् वैडूर्य " । १०।१३।१७३४२६२११ १०।१३।१७।१ । २०२ (नोला) पीत १३ | कांचन कांचन मतान्तर तोता वक्षार सुवर्ण पीत २२६० पीत वषभगिरि | गंगाकुंड में - वच श्वेत - सुवर्ण पीत १७ पपद्रुह का कमल: XXXXXXXXXX - मृणाल १६६७ । १७-१८ रजत श्वेत फैन्द ----. नाल १७/-१९५६ नील अरिष्टमणि ब्राउन वैडूर्य लोहितामा । रक्त अर्कमणि पते २२।२।१८८३ कणिका केशर .. केसर तपनीय रक्त १८ जम्बूवृक्षस्थल । सामान्य स्थल | २१५२ | xx xxx xx xxx xx xxx २१५२ १७५ सुवर्ण पीत इसकी वापियों के कूट १०।१३।१७४।२२ अर्जुन । श्वेत ---- स्कन्ध २१५५ पुखराज पीत - xx पीठ २१५२ रजत श्वेत १६ | वेदिय : जम्बुद्वीप की । | सुवर्ण पीत जगती १०।१३।१७८५ पधवर(रा. वा.) भद्रशालबन. वेदी) २११४ नन्दनवन वेदो १९८६ १०।१३।१७६६ १०११३।१८००२ सुवर्ण सौमनसवन (वेदी) १९३८ पाण्डुकवन वेदी १०।१३।१८०।१२ ! १४२
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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