SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 95
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 415 पल्ली पतन और गिरगिट आरोहण का फलबोधक चक्र गणित द्वारा छिपकली पल्ली के गिरने का फल 416 पशदश अध्याय 417-492 417 417 418 419 419 420 422 423 425 427 शुक्रवार का वर्णन करने की प्रतिज्ञा शुक्र का महत्त्व शुक्र के अस्त और उदय का सामान्य कथन शुक्र, वृहस्पति और चन्द्रमा की किरणों के घातित होने का फल शुक्र के छ: मण्डलों का कथन शुक्र के मण्डलों के नक्षत्र और उनके नाम मण्डलों में शुक्र के गमन का फल शुक्र के उदय और अस्त द्वारा विभिन्न देशों के शुभाशुभत्व का विचार द्वितीय और तृतीय मंडल के शुक्र का विचार चतुर्ध मंडल के शुक्र का फल पञ्चम मंडल के शुक्र का फल छठवें मंडल के शुक्र का फल शुक्र की नाग आदि वीथियों के नक्षत्र शक्र के वीथि गमन का फल कृत्तिकादि नक्षत्रों के उत्तर की ओर से शुक्र के गमन का फल कृत्तिकादि नक्षत्रों के दक्षिण की ओर से शुक्र के गमन का फल ऐरावण पक्ष के गमन का फल नागवीथि, वैश्वानरवीथियों की दिशाओं का कथन वार और नक्षत्रों के संयोग से शुक्रगमन का फल शुक्र के सूर्य में विचरण करने का फल शुक्र के तृतीय मण्डल में उसकी शयनावस्था का फल क्षीण और विलम्बी शुक्र का पञ्चम मंडल में फल लम्बायमान शुक्र का फल 448 449 429 433 433 435 437 438 438 439 440 440
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy