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________________ 522 524 525 माघ, फाल्गुन, चैत्र आदि बृहस्पति के वर्षा का फल वैशाख वर्ष का फल आषाढ़ वर्ष का फल श्रावण, भाद्रपद, आश्विन वर्षों का फल बृहस्पति के नक्षत्रों का फल स्वाति, अनुराधा, मूल, विशाखा और शतभिषा में बृहस्पति के अभिघातित होने का फल बृहस्पति द्वारा बायीं और दाहिनी ओर नक्षत्रों का अभिघातित होने का फल बृहस्पति के चन्द्रमा की प्रदक्षिणा का फल चन्द्र द्वारा बृहस्पति के आच्छादन का फल मास के अनुसार गुरु के राशि परिवर्तन का फल द्वादश राशि स्थित गुरुफल बृहस्पति के वक्री होने का विचार गुरु का नक्षत्र भोग विचार गुरु के उदय का फलादेश गुरु के अस्त की विचार 526 526 528 530 532 533 534 535 अष्टादश अध्याय 536-551 536 536 537 537 बुध के प्रवासादि के वर्णन की प्रतिज्ञा सात प्रकार की बुध की गतियों के नाम बुध की शुभ और पाप गतियों का विवेचन बुध का नियतचार बुध की गतियों का कथन वर्णानुसार बुध का फल बुध की बीथियों का कथन नुध की कान्ति का फल अन्य ग्रह द्वारा बुध की दक्षिण वीथिका के भेदन का फल 538 539 540 541 541
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
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