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________________ विशतिसार ८१२ + ३७० + २३२ + ६१ = २०१६। इसमें १ का भाग दिया = २०१६ में भाग ९ का = २३२ लब्धि, ८ शेष। तेजी-मन्दी जाननेके चक्रमें देखनेसे ८ शेषमें केतु तेज करनेवाला हुआ अर्थात् तेजी होगी। दैनिक तेजी-मन्दी निकालनेकी अन्य रीति वस्तु विंशोपक धातु-सोना ९६, चाँदी ७१, पीतल ५९, मूंगा ५१, लोहा ५४, सीसा ९०, काँसा १२७, मोती ९५, राँगा ६७, ताँबा १०, कुंकुम २५। अनाज और किराना-कपूर १०२, हरॆ ७३, जीरा ७०, चीनी १०२, मिश्री १०३, ज्वार १००, घी ५०, तेल १०, नमक ५९, हींग ६२, सुपाड़ी २०४, अरहर ७२, मिर्च ८३, सूत ९४, सरसों ८०८, कपड़ा १००, चपड़ा ८७, मूंग १५, सोंठ १००, गुड़ ४०, बिनोला ८८, मंजीठ १४४, नारियल ७८, छुहारा १४४, चावल १७, जौ ५७, साठी १६५, गेहूँ १४, उड़द ८०, तिल ५३, चना ५६, कपास १२७, अफीम १९२, रूई ७७। पशु-घोड़ा ७७०, हाथी ६४, भैंस ९२, गाय ७७, बैल ८७, बकरी ६०, साँड़ ९४, भेड़ ८५। नक्षत्रविंशोपक-अश्विनी १०, भरणी १०, कृत्तिका ९६, रोहिणी २०, मृगशिरा ५६, आर्द्रा ८६, पुनर्वसु २१, पुष्य ९४, आश्लेषा १३५, मघा १५०, पूर्वाफाल्गुनी २२०, उत्तराफाल्गुनी ७२, हस्त ३३४, चित्रा २१, स्वाति २१०, विशाखा ३२०, अनुराधा ४९३, ज्येष्ठा ५५९, मूल ५५२, पूर्वाफाल्गुनी १४२, उत्तराफाल्गुनी ४२०, श्रवण ४५०, धनिष्ठा ७३६, शतभिषा ५७६, पूर्वाभाद्रपद ७७५, उत्तराभाद्रपद १२६, रेवती २५६। संक्रान्तिराशि विंशोपक-मेष ३७, वृष ८६, मिथुन ८४, कर्क १०९, सिंह १२५, कन्या १०२, तुला १०४, वृश्चिक १४४, धनु १४४, मकर १९८, कुम्भ १९०, मीन १८०। तिथि विंशोपक---प्रतिपदा १८, द्वितीया २०, तृतीया २२, चतुर्थी २४, पंचमी २६, षष्ठी २४, सप्तमी २३, अष्टमी २१, नवमी १९, दशमी १७, एकादशी १५, द्वादशी ११, त्रयोदशी १३, चतुर्दशी ९, अमावस्या ९, पूर्णिमा १६ ।
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
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