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________________ 247 सुभिक्ष-दुर्भिक्ष का परिज्ञान अन्य नियम संवत्सर निकालने की प्रतिज्ञा प्रभवादि संवत्सर बोधक चक्र ब्रहानीसी, रुद्रबीसी और विधाजीसी का कान 247 248 248 249 द्वादश अध्याय 250-265 250 250 250 251 251 251 252 253 254 254 गर्भ के कथन की प्रतिज्ञा मेघों के गर्भ धारण करने का समय रात्रि और दिन के गर्भका फल गर्भ की परिपक्ववस्था का फल पूर्व सन्ध्या और पश्चिम सन्ध्या के गर्भ का फल मेघों के गर्भ धारण के चिह्नों का कथन मेघ गर्भ के भेद और लक्षण मेघ के मास और उनका फल सौम्य गर्भ के मास और उनका फल नक्षत्रों के अनुसार गर्भ का फल वैशाख मास के गर्भ का फल दिशा और विदिशाओं में गर्भ धारण का फल वायव्यकोण और पश्चिम के गर्भ का फल दक्षिण दिशा के गर्भ का फल नील, पीतादि गर्भ का फल देवानादि के आकार के गर्भ का फल स्निग्ध गर्भ का फल सुन्दर वर्ण और आकार के गर्भ का फल कृष्ण, रूक्ष और विकृत आकृति के गर्भ का फल कृष्ण पक्ष के गर्भ का फल 255 255 255 256 256 257 257 258 258 258
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
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