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________________ म गाथानुक्रमणिका संख्या पृष्ठ | गाथा गाथा गाथा संख्या पृष्ठ अइ कुणउ तवं पालेउ १११ १४८ अइतिचवेयणाए अस्थि कसाया बलिया १५७ १६८ ८९ १७८ __ ९३ १८५ ७४ आपसहावे णिरओ अमरकओ उसगो अभुणियतच्चेण इम अरिहो संगच्याओ आराहणमाराहं आराहणाइसारो आराहणाइ सारं आराहिऊण केई आहारासणणिद्दा इय भावणाई जुनो इयारिसम्मि सुण्णे इय एवं जाउ इंदियगढ़ ण सुक्रवं इंदियमयं सरीर इंदिराभल्लाण जओ १५५ उवसमवंतो जीवो उच्चसिए मणगेहे उच्चासहि णियचित्तं एवं गुणो हु अण्णा काहि अवरेहिं य कन्जमा ६४ कालमणतं जीवो कालाई लहिऊण क्रिसिए तणुसंघाए ५५३ २०९ खिनाइ बाहिराणं १०८ खीणे मणसंचारे २६ ६७ गुरुदत्तपंडवेहि २०० चइऊण सव्वसंग इंडिय गिहवादारो जत्थ | झाण झोयं ५.७ १४० जड़ इच्छहि कम्मखयं जइ उप्पज्जइ दुखं अइ हुँति कहवि जइणो ५६५३८ जरवग्विणी ण चंपइ जई जई पीडा जायइ जहं जहं त्रिसएसु रई ज! उज्जमो ण थियलइ ११० २०५ | जाणड़ पस्सइ सन्ध २०५ ९४ ४७ २५ १८६ ९८ ६७ इंदियमल्लेहि जिया इंदियविसयवियारा इंदियवाहेहिं हया इंदिय सेणा पसरइ उत्तमदेवमणुस्से ६६ १४९ २८६८ ८८ १७६
SR No.090057
Book TitleAradhanasar
Original Sutra AuthorDevsen Acharya
AuthorRatnakirtidev, Suparshvamati Mataji
PublisherDigambar Jain Madhyalok Shodh Sansthan
Publication Year
Total Pages255
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Sermon, & Religion
File Size6 MB
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