SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 718
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ अनुयोगवन्द्रिका टीका सूत्र २४० समवतारद्वारनिरूपणम् ७०५ परसमोयारे तदुभयसमोयारे। सव्वदव्वावि गं आयसमोयारेणं आयभावे समोयरंति, परसमोयारेणं जहा कुंडे बदराणि, तदु. भयसमोयारेणं जहा घरे खंभो, आयभावे य जहा घडे गीवा आयभावे य। अहवा जाणयसरीरभवियसरीरवइरित्ते दव्वसमोयारे दुविहे पण्णत्ते, तं जहा-आयसमोयारे य तदुभयसंमो. यारे य। चउसट्टिया आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं बत्तीसियाए समोयरइ आयभावे य। बत्तीसिया आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं सोलसियाए समोयरइ आयभावे य। सोलसिया 'आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं अटुमाइयाए समोयरई आयभावे य। अटुमाइया आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं चउमाइयाए समोयरइ आयभावे य । घउभाइया आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं अद्धमाणीए समोयरइ आयभावे य। अद्धमागी आयसमोयारेणं आयभावे समोयरइ, तदुभयसमोयारेणं माणीए समोयरइ आयभावे य । से तं जाणयसरीरभवियसरीरवइरित्ते दवसमोयारे। से तं नोआगमओ दबसमोयारे।सेतं दबसमोयारासू. २४०। छाया-अथ कोऽसौ समवतारः १ समववार:-पड्विधः प्रज्ञप्ता, तद्यथानामसमवतार स्थापनासमवतारः द्रव्यसमवतारः क्षेत्रसमवतारः कालसमववारः भावसमवतारः। नामस्थापने पूर्व वणिते यावत् स एष भव्यशरीरद्रव्य. समवतारः। अथ कोऽसौ ज्ञायकशरीरभव्यशरीरपतिरिक्तो द्रव्यसमवतार: ? ज्ञायकशरीरमन्पशरीरव्यतिरिक्तो द्रव्पसमवतारा-त्रिविधः प्रज्ञप्ता, तद्यथाआत्मसमरतारा परसमवतार तदुभयसमवतारः । सर्वदव्याण्यपि खलु आत्मसम अ० ८९
SR No.040004
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1968
Total Pages925
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size147 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy