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________________ ५३०. अनुयोगधारसूत्रे नीतेति द्विविधम् । तत्र-साधम्र्योपनीतं-साधम्र्पण उपनीतम्-उपनयो यत्र तत् साधम्योपनीतम् , तच्च किञ्चित्ताधोपनीतं प्राय:साधोपनीतं सर्वसाधम्र्योपनीतं चेति त्रिविधम् तब-किचित्साघम्योपनीतं-किंचित् अल्पेन साधर्येण= सादृश्येन उपनीतम् उपनयविषयीकृतम् , तच्च - यथा मन्दरस्तथा सर्षपः यथा सर्पयस्तथा मन्दर इत्यादि । अत्र-मन्दरसर्षपयोर्व लत्वेन सादृश्यम् । समुद्रएक साधम्योपनीत, और दूसरा वैधयॉंपनीत। समानता को लेकर वस्तु जिसके द्वारा ग्रहण की जाती है, उसका नाम उपमा है। यह उपमा ही औपम्य है। (से कित साहम्मोवणीए) हे अदन्त ! साधम्र्योनीत का क्या तात्पर्य है। उत्तर--(साहम्प्रोवणीए-तिविहे पगत्ते) साधम्पोंपनीत तीन प्रकार का होता है। (तं जहा) जैसे (किंचिसाहम्मोवणीए, पायसाहम्मों वणीए, सव्यसाहम्मोवणीए) किश्चित् साधम्योपनीत, प्रायःसाधम्यापनीत, और सर्वसाधम्योपनीत । (से कि तं किंचिसाहम्मोवणीए) हे भदन्त ! वह किश्चित् साधम्र्योपनीत क्या है ? (किंचिसाहम्मोवणीए) उत्तर--वह किश्चित् साधम्योपनीत इस प्रकार है । (जहा अंदरो तहा सरिसवो) जैसा मंदर है, वैसा सर्षप है । तात्पर्य इसका यह है कि किश्चित् साधम्योपनीत में कुछ २ समानता को लेकर उपमा दी जाती है, सो ऐसा कहा है कि जैसा भन्दर (मेरु) है वैसा सर्षप है, सो वणीए य) मे साभ्यापनात, भाई वैधभ्यापनात. समानताना आधारे જેના વડે વસ્તુ શહણ કરવામાં આવે છે તેનું નામ ઉપમા છે. આ ઉપમા 00 मीपभ्य . (से कि तं साहम्मोवणीए) Red! साभ्यापनातन તાત્પર્ય શું છે? उत्तर-(साहम्मोवणीर-तिविहे पण्णत्ते) साधभ्यापनातन त्रय छे. (नबहा) २४ (किचिसाहम्मोवणीए, पायसाहम्मी घणीए, सवसाहम्मोवणीए) કિંચિત્ સાધમ્યપનત, પ્રાયસાધનીત, અને સર્વસાધર્મોપનીત (से किं तं किंचि साहम्मावणीए) BRE! यित् साभ्यापनात शुछे (किंचि साहम्मोवणीए). उत्तर- हथित साभ्यापनात मा प्रभारी छ. (जहा मंदरो तहा सरिसवो) रव। भर छ, तेव। सप५ छे. तात्पर्य मार्नु मे छ थित સાધપેપનીમાં કંઈક સમાનતાને લઈને ઉપમા આપવામાં આવે છે તે અને આમ કહેવામાં આવ્યું છે કે “જે મંદર (મેરુ) છે તે સર્વપ છે.
SR No.040004
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1968
Total Pages925
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size147 MB
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