SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 658
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ६५५ अनुयोगवन्द्रिका टीका सूत्र १४६ त्रिनामनिरूपणम् त्रिनाम निरूपयितुमाह मूलम्-से किं तं तिनामे ? तिनामे तिविहे पण्णत्ते, तं जहा दवणामे गुणणामे पज्जवणामे य। से किं दवणामे ? दवणामे छविहे-पण्णत्ते, तं जहा-धम्मत्थिकाए अधम्मत्थिकाए आगासत्थिकाए जीवस्थिकाए पुग्गलत्थिकाए अद्धासमए य। से तं दवनामे। से किं तं गुणनामे ? गुणनामे पंचविहे पण्णत्ते, तं जहा-वण्णणामे गंधणामे रसणामे फासणामे संठागणामे । से किं तं वण्णणामे? वण्णणामे पञ्चविहे पण्णत्ते, तं जहा-कालवण्णणामे नीलवणणामे लोहियवण्णनामे हालिद्दवपणनामे सुकिल्लवण्णनामे । से तं वण्णनामे। से किं तं गंधनामे-गंध. नामे दुविहे पण्णत्ते, तं जहा-सुरभिमंधनामे य दुरभिगंधनामे य । से तं गंधनामे। से किं तं रसनामे? रसनामे पंचविहे पण्णत्ते, तं जहा-तित्तरसणामे कडुपरसणामे कसायरसणामे अंबिलरसणामे महुररसणामे य। से तं रसणामे। से किं तं गर्भ जन्म से होती है वे गर्भव्युत्क्रान्ति जीव हैं। जो सकते है वे परिसर्प हैं । उरःपरिसर्प और भुजपरिसर्प के भेद से परिसर्प जीव दो प्रकार के हैं ! सादिक जीव जो कि छाती से मरवाते हैं-उरः परिसर्प हैं । और गोधा, नकुल आदि जीव जो भुजाओं से सरकते-चलते हैं वे भुजपरिसर्प हैं । इप्त प्रकार यह द्विनाम हैं ।।५० १४६॥ તે જીવને ગર્મયુક્રાતિક જીવો કહે છે, જે જીવે સરકતાં સરકતાં ચાલે છે તે અને પરિસર્પ કહે છે. પરિસર્ષ ના ઉર પરિસર્પ અને ભુજપરિસર્પ નામના બે ભેદ પડે છે. સર્પાદિક જે જે છાતીના બળથી સરકે તે જીવોને ઉર પરિસ કહે છે. ગળી, નેળિયા આદિ ભુજાઓના બળથી સરકે (ચાલે છે, તેથી તેમને ભુજપરિસર્ષ કહે છે. આ પ્રકારનું આ દ્રિનામનું સ્વરૂપ છે. માસૂ૦૧૪૫
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy