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________________ मनुपौगचन्द्रिका टीका सूत्र १०८ समवतारनिरूपणम् समबतरन्ति ! अवक्तव्यकद्रव्येषु समवतरन्ति ? आनुपूर्वीद्रव्याणि आनुपूर्वीद्रव्येषु समबतरन्ति, नो मनानुपूर्वीदन्येषु नो अवक्तव्यकद्रव्येषु समवतरन्ति । एवं वीण्यपि स्वस्पाने समबतरन्तीति भणितव्यम् । स एष समवतारः ॥सू० १०८॥ टीका-अथ समवतारं प्ररूपयितुमाह-' से किं तं' इत्यादि । अथ कोऽसौ समवतारः? इत्यारभ्य ‘स एष समवतारः' इति पर्यन्तस्य पारस्य व्याख्या मशीतिसूत्रवद् द्रव्यानुविद् बोध्या ॥सू. १०८॥ अव सूत्रकार समवतार की प्ररूपणा करते हैं"से किं तं समोयारे !" इत्यादि । शब्दार्थ-हे भदन्त ! (से किं तं समोयारे) पूर्वप्रक्रान्त समवतार का क्या स्वरूप है ? उत्तर-(समोयारे) पूर्वप्रकान्त समवतार का स्वरूप इस प्रकार से है-(गेगमववहाराणं आणुपुव्वीदव्वाइं कहिं समोयरंति?) शिष्य पूछ. ता है कि नैगमव्यवहार नयसंमत आनुपूर्वी द्रव्य कहां समाविष्ट होते है (किं आणुपुल्वी दवेहिं समोयरंति ? अणाणुपुत्वीदव्वेहिं समोयरंति) क्या आनुपूर्वी द्रव्यों में समाविष्ट होते हैं ? या अनानुपूर्वी द्रव्यों में समाविष्ट होते हैं ? या (अवत्सव्वगव्वेहिं समोयरंति) अवक्तव्यकद्रव्यों में समाविष्ट होते हैं ? उत्तर-(आणुपुत्वीदगई आणुपुब्बीदव्वेहि समोयरंति) नैगमव्यहारनय संमत आनुपूर्वी द्रव्य आनुपूर्वी द्रव्यों में ही समाविष्ट होते हैं। હવે સૂત્રકાર સમવતારની પ્રરૂપણ કરે છે– "से कि त समोयारे" त्याल A14-( से कि त समोयारे) साप ! भाग २ ममतार નામને પ્રકાર કહ્યો છે તેનું સ્વરૂપ કેવું છે? उत्तर-(समोयारे) सभपता२नु ११३५ मा प्रा२नु छ-(जेगमपबहाराण पाणुपुव्वी व्वाई कहिं समोयरंति ?) શિષ્યને પ્રશ્ન-નગમવ્યવહાર નયસંમત આનુપૂર્વી દ્રવ્યો ક્યાં સમાविट याय १ (किं आणुपुत्वीदव्वेहि समोयरंति ? भणाणुपुबीदव्बेहि समोयरंति, अवत्तव्यगव्वेहि समोयरंति ?) शुमानुपूवी द्रव्यामा समाविष्ट થાય છે? કે અનાનુપૂવ દ્રવ્યમાં સમાવિષ્ટ થાય છે કે અવક્તવ્ય દ્રવ્યામાં સમાવિષ્ટ થાય છે? 6त्तर-(आणुपुव्वीदव्वाई आणुपुत्वीदव्वेहिं समोयरंति) नेशमन्यार नयम भानुदा द्रव्ये। भानु५वा द्रव्योमा । समाविष्ट याय , (नो म०५८
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
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