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________________ 224 / स्त्रीचरित्र. ... महाराणीपर अनेक आक्रमण हुये,परंतु भाग्यवती महाराणीको परमात्माने सब आक्रमणोंसे रक्षा को. - महाराणोके प्रथम कन्या उत्पन्न हुई, जिसका विवाह जर्मनीके राजराजेश्वरसे हुआ, जो आधुनिक राजराजेश्वरकी माता हैं, फिर प्रिन्स आफ वेल्स उप्तन्न हुये जो इस समय राजराजेश्वर सातवे एडवर्डके नामसे राजसिंहाननपर विराजते हैं, इनका जन्म नवम्बर सन् 1841 को हुआ; एवं सब मिलाकर नव सन्तान उत्पन्न हुये, उनमें से इस समय 4 कन्यायें, और 2 पुत्र वर्तमान हैं. महराणी विक्टोरियाका भारतवर्षसे पूर्ण सम्बन्धहै, क्योंकि भारतवर्षकी समस्त प्रजा महाराणीको अपनी माता समझती है और अतिकाल महाराणीने भारतवर्षकी रक्षामें तत्पर होकर यहांका राज्य किया यद्यपि सन्१९०१ के प्रारंभमें महाराणीका पर लोक वास होगया. तथापि महागणीके गुणोंका स्मरण करने तथा राज्य . प्रवन्धसे ऐसाही भान होने लागता है कि मानों अभी P.P.AC. Gunfatnasuri M.S.. Gun Aaradhak.Trust:
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
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