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________________ 214 -स्त्रीचरित्र. एक साथ सबसे राज्य छीने लेनमें चारों ओर उपद्रव झोनेका भय है, इससे यह उपाय करना चाहिये कि जो राजा विना सन्तानका मरजाय, उसके पीछे किसी को गोद बैठाया हुआ पुत्र बनाकर गद्दी न दी जाय वह राज्य सरकारी राज्यमें मिला लिया जाय, ऐसे सिद्धान्तवाले लार्डके समय में ही नागपुर और सितारेके राजाओंका परलोक हुआ, उनका राज्य सरकारी राज्यमें मिला लिया गया, यह अन्धेर देखकर सब शजालोग काँप उठे कि बस एक हमारा प्राचीन राज्य इसी प्रकार अन्यायसे छोन लिया जायगा, परन्तु विकमीय सम्वत् 1914 सन् 1857 ईसवोके उपद्रवने इन्है बतला दिया कि, समयपर वही अंगरेजोंके सच्चे सहायक हो सकते हैं, और यथार्थमें वही उनके राज्यके स्तम्भ है, लार्ड कैनिगसाहब बहादुर गवर्नर जनरल हिन्दने उपद्रव शान्त होनेके उपरान्त दरबारोंमें सब राजे महाराजे और नवाबोंको इस बातकी सनदें दे दी कि आगेको तुम्हारा किसीका राज्य सन्तान न होनेपर स
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
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