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________________ / _ भाषाटीकासहित. * . 1610 का बल वढगयाथा तब मरहठोंने उस राज्यको नष्ट कर डाला था. - दुर्गावतीके विवाहके समय गढ महलेके राजाका ऐश्वर्य और राज बहुत बढा हुआ था. बडी प्रतिष्ठाके साथ रानी दुर्गावती उस देशमें राज करनेके लिये बिदा हुई, जहां उसका ऐसा दिव्य सुयश फैला हुवा है, जैसा यश वहां आज तक किसो राजकुलवाले नहीं फैला. इस राज्यके वन और उपजाऊ धरतीकी प्रशंसा सुनकर विक्रमीय सम्वत् 1621 में अकबरका एक सरदार फौज लेकर चढ आया, उस समय राजाका स्वर्गवास होगया था, और रानी दुर्गावती राजकाज सह्मालेथी. क्योंकि दुर्गावतीका पुत्र असमर्थ बालक था, रानी सात हजार सवार पन्द्रह सौ हाथी उपौर बहुतसे प्यादों को सेना लेकर मुसलमानोंके साथ युद्ध करनेको निकली, रानी भीलोहे की जाती पहिरे, वीं भाला लिये, धनुषवाण हाथमें लिये अपनी सेनाके बीचमें मो जूद थी, महाराणीको समरभूमिमें उपस्थित देखकर उस; Ac. Gunratnasuri M. - Jun Gun Aaradhak Trust :
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
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