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________________ ___ भाषाटीकासहित. 85 यहां आया करतेथे तब तो इतनेमुन्दर न थे. पर अब तुह्मारा स्वरूप ऐसा जान पडता है कि, मानो साक्षात् कामदेवका अवतार हो. लड़केने जवाब दिया, कि सेठा नीजो ! पन्द्रह वर्षकी अवस्था तक लडकेदुबलशरि रहा करते हैं. इसका कारण यह है, कि जन्म होतेही लडकेका शरीर तीनवर्ष तक बहुतही कोमल रहताहै. सर्दी, गर्मी बहुत जल्दी सताती हैं. गरिष्ठ वस्तु पचती नहीं. और जब दांतनिकलते हैं, तबभी बालकका शरीर दुबला होजाता है और भूख कम लगती है, अच्छी तरह खाया नहीं जाता.. अनन्तर पढने लिखनेका जब समय आता है, तब पढने लिखनेमें चित्त नहीं लगता, खेल कूदमें सदा मन लगा रहता है, इसीसे घरवाले पढ़ने लिखने के लिये मारते पीटते हैं, और अनेक भय दिखाकर शिक्षा देते हैं, जिससे बालकका चित्त पीड़ित रहता है, कान्ति मलीन हो जाती है, शरीर दुबला हो जाता है. परन्तु जह बालक कुछ कुछ समझने लगताहै कि मेरे माता पिता आदि सब मेरी भलाई के लिये शिक्षा देते हैं, पढाते हैं, P.P.AC..Gunratnasuri M. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
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