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________________ भाषाटीकासहित. मोहित करताहुआ निकला. मोहनीने एक कंकड उठाकर उसकी ओर फेंका, तब उस लढकेकी दृष्टि कोठेपरको उठी, तुरन्त उस लडकेको मोहनी बुलाने लगी. लडकाभी मोहनीको देखतेही मोहित होगया, लाजशरम छोड़कर कोठेपर आया और प्रेमकी बातें करने लगा. मोहनीने, इस चतुराईसे बातचीतकी कि, उस लडकेने अपने पा• कटसे निकालकर एक रुपया दिया, और मोहनीकी चाहके दुपट्टेको अपने समागमके शाहावसे लालोलाल कर दिया. मोहनीनेभी उसको अपनी रानोंमें दबाके ऐसा निचोडा कि, आप तो लाल होगई, और वह. लडकाभी ऐसा होगया, जैसे कोई खारदेके रंग उतारले.' इसीप्रकार वह लडका दूसरे तीसरे दिन आकर अपना और मोहनीका मन प्रसन्न कर जाताथा. एक दिन उस लडकेको आता देखकर दूमरे लडकेने देख. लिया, और समझगया कि अवश्य कोई स्त्री इस मका नमें हम लोगोंको चाहनेवाली रहती है. दूसरे दिन कई बार वह दूसरा लडका उस मकानकी गली में आकर खडा UPPCc. mrathasuriMS. . .. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
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