SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 104
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ भाषाटीकासहितदिनोंसे हमने किसी स्त्रीके साथ भोगविलास नहीं किया है. यह सुनतेही भठियारी बोली कि, मैं कुटनीके काममें बहुत चतुर हूं. ऐसी सुन्दरी नवेली अलबेली - तुम्हारे लिये लाऊं कि जिसको देखतेही तुम फडक जाओ अपना घर भूल जाओ. यह कह वह भटियारी बिना जाने उसी सौदागरकी स्त्री गोपीके पास आकर बोली कि, आज हमारे यहां एक सोनेकी चिडिया आई है. यदि तुमसे फांनते बनपडै तो फांसलो. आज सरायमें एक सौदागर नौ जवान आके उतरा है. देखनेमें वह बडा मालदार जान पड़ता है, और कुछदिन यहां ठरहना चाहता है, उसने मुझसे कहा कि कोई सुन्दरी छबीली हमारे लिये ले आ, सो मैं तुम्हारे पास आई हूं. चलकर उस सौदागरको अपने वशमें करलो. यह सुन गोपीने कहा कि, चलो मैं अभी चलती हूं. देखो कैसी चतुराईसे मैं 'एक पंथ दो काज' करतीहूं. उस सौदागरसे भोगविलासभी करूंगी और उसको प्रसन्न करके उसका माल असवाबभी अपने वशमें कर लूंगी. यह कह गो ..AC..GunratnasuriM.S Jun-Gun AaradhakTrust
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy