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________________ -1 . - .-- RAHALAALABLAC लक्ष्मी तथा देवऋद्धि अतुल प्रमाणमें सम्पादन हुइ है और अब मात्र सात मवमें मोक्ष समृद्धि प्राप्त करेंगे-यह चरित्र चार | प्रस्तावोसे अलंकृत किया गया है, उनमें करीब 36 विषयोंका प्रतिपादन है, जिन्हें वांचकर या श्रवण कर पाणी उत्तम धर्मी बन जा सकता है. कितनेक भक्त लोगोंके आग्रहको स्वीकार हमारे परम पूज्य विद्वद्वर्य गुरुवर्य श्रीमान् वीरपुत्र आनंद सागरजी महाराज साहबने परमोपकारार्थ यह ग्रन्थ संस्कृत परसे सरल हिंदी भाषामें निर्मित किया है, यह आपका पारमार्थिक परिश्रम विश्व प्रशंसनीय है-इस चरित्रकी पोने चारसो प्रतियें पाली मारवाड़ निवासी श्रावक श्रेमलजी बलाइ तथा सवासो फलोदी मारवाड़ निवासी श्रावक गणेशमलजी ढहाने छपाकर मेट तरीके वितीर्ण करनेको प्रकाशित की हैं; अतः उनकी उदारताको साधुवाद घटता है. // शिवम् // मु. कच्छन्नुज-दीपावली. . भवदीय हितैषी! 2450-1981 / मुनि महेन्द्रसागर. ANS-AS-45555554 #li Ad Gunratnasuri MS Jun Gun Aaradha
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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