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________________ प्रस्ताव SARANA अब श्रीपाल कुमार नवपदके ध्यानमें तलालीन होते हुवे काल समय काल करके (पूर्ण | आयुष्य नोगकर) नवमें स्वर्गमें सामान्य ईन्द्र पदे उत्पन्न हुवे, इनकी माता-महापदरानी पट्टरा. नियों सब अपनी 2 आयु पूर्णकर शुभ ध्यानद्वारा काल करके उसही देवलोकमें उत्पन्न हुवे.. posses88888860806ecer ॐ गणधर महाराजका बेला फरमान. RO000000000000000000 | हे राजन् ! श्रीपाल नरेन्द्रादि सब जीव अपने भवसे लेकर नवमें नव अनन्त सुखका स्थान है मोक्ष पद प्राप्त करेंगे-हे मगधेश्वर! श्रीसिद्धचक्रका महात्म्य प्रदर्शक यह श्रीपाल राजेन्द्रका | आदर्श चरित्र तुमारे सन्मुख कह सुनाया-यह परमोपकारी जीवन चरित्र सुनकर श्रेणिक महा. || राज बड़े जारी आनन्दित हुवे और इस प्रकार कहने लगे-अहा! नवपद महाराजका अतिशय 43UGUSLASHIRISH RICHICO HiAc.Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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