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________________ माल प्रश्वाव चोखा हन्त पदपर चौतीस सपेत हीरे और आठ कर्केतन युक्त कर्पूर मिश्रित चन्दन लिप्त एक गोला स्थापन किया, उई शाखारूप दूसरे सिझपदपर लाल वर्ण के इकत्रीस प्रवाल और आठ माणक || | सहित रक्त चन्दनसे लिप्त एक गोला रख्वा, वाम शाखरूप तीसरे आचार्य पदपर पीले पांच गोमेद रत्न-छत्तीस पुष्पक रत्न और कनक कुसमपूर्वक केशरसे लिप्त एक गोला स्थापन किया, || अधः शाखारूप चौथे पाठक पदपर पचीस मरकत मणि और चार इन्द्रनील सहित नीले वर्णको अमुक वस्तुसे लिप्तएक गोला चड़ाया, दक्षिण शाखारूप पांचवें साधु पदपर सत्तावीस श्याम 6 नीलकरत्न और पंचराजपद ( एक जातकी काली मणि.) युक्त कस्तुरीसे लिप्त एक गोला स्था| पन किया, पहिले प्रतिशाखारूप छट्टे दर्शनपदपर सड़सठ मुक्ताफलसे राजित चंदन लिप्त एक है। गोला चड़ाया, दूसरे प्रति शाखारूप सातवें ज्ञानपदपर एकावन मोतियों सहित चंदन लिप्त एक गोला रख्वा, तीसरे प्रतिशाखारूप आठवें चारित्र पदपर, सित्तर मुक्ताफल पूर्वक चंदन लिप्त एक गोला स्थापन किया, चौथे प्रतिशाखारूप नवमें तप पदपर पच्चास मोतियों सहित चन्दन लिप्त // 87 // क atasun Jun Gun Aaradhak
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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