SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 10
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ( ७ ) चारित्रशुद्धित्रतोद्यापन अपशब्दखंडन तत्त्वनिर्णय तर्कशास्त्र तर्कशास्त्रकी टीका सर्वतोभद्रपूजा अध्यात्मपदवृत्ति चिंतामणिव्याकरण अंगप्रज्ञप्ति जिनेंद्रस्तोत्र षड़ाद और पांडवपुराण | श्रेणिकचरित्र इन्हीं भट्टारकका बनाया हुआ है परंतु उपर्युक्त पांडवपुराणकी सूची में श्रेणिक चरित्रका उल्लेख नहीं किया गया है इसलिये मालूम होता है श्रेणिक चरित्र पांडवपुराण के पीछे अर्थात् विक्रम संवत् १६०८ के पीछे बनाया गया है तथापि कब बनाया गया यह निर्णय नहीं होता । भट्टारक शुभचंद्रके बनाये और भी अनेक ग्रंथोंके नाम मिलते हैं नहीं मालूम वे भी श्रेणिक चरित्र के पीछे बने है या पहिले ? विज्ञप्ति - विज्ञपाठक ! मुझे अतिशय कठिन कार्य ' सनातन जैन ग्रंथमाला 'का संपादन करना पड़ता है और अवशिष्ट समय में परीक्षाकेलिये पढ़कर कोर्स पूरा करना पड़ता है इससे अतिरिक्त मुझे काफी समय नहीं मिलता जिसमें में तीसरा काम कर सकूं तथापि श्रीयुत मान्यवर परमसज्जन, जैनधर्मकी उन्नतिमें सदा दत्तचित्त, मित्रवर, सेठि मूलचंदजी किसनदासजी कापड़िया के आग्रह से मुझे इस श्रेणिकचरित्रका हिंदी अनुवाद करना पड़ा है । पहिले मैं पद्मनंदिपंचविंशतिकाका अनुबाद कर चुका हूं Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035265
Book TitleShrenik Charitra Bhasha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGajadhar Nyayashastri
PublisherMulchand Kisandas Kapadia
Publication Year1914
Total Pages402
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size23 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy