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[ १७ ] ४८ नांना टेशन उतरना खुसको रस्ते को० २ बैलगाड़ी पर जाना १-४८ नांदीया ग्राम है जिनिस सब मिले हैं । ध० म० भ० के हैं। २४ वें भ० को मूर्ती भगवान के विद्यमान रहते स्थापना भइथो इसे जीवतस्वामीका तीर्थ प्रसिद्ध है प्राचीन मंदिर भ० का है। यहांसे ष्टेशन पर जायकर रेलपर बैठके पींडवाडा जाना मौ० १० मा०)
४८ पौंडवाडा टेशन उतरना वहांसे गांव को० १ है ध० मं० भ. काहै जिनिस मिले हैं सवारी बैलगाडीको मिले हैं वहां असबाब रखकर जापतावोलाउका गांवमेंसे हथीयारबंद लेकर जाना हो है पूजाका असवाव भत्ता सौधा वगैरा ले जाना वहां कुछ नहीं मिले हैं जंगल है तथा दरशन पूजा करके चले पाते हैं लोग रातको भी रहते हैं इच्छा मुजब कुछ दस्तुर नहीं है को० २ है। १-४८ बंबनवाडजोका तीर्थ बड़ा प्राचीन चमत्कारी प्रभावीक है ध० मं० २४ वें भगवानकाहै बालुको मूर्ती विराजमान है केसर कस्तूरी बहोत चढ़ती है भेला बरषमें १ होताहै बड़ा भारी। २-४८ मंदिरजीके बाहर पहाड़ के पास १ पेड़के नीचे १ गुमटीमें २४वें भ० के चरणको स्थापनाहै वहांपर २४वें भ. को कानसौला का काडीथी वह स्थान है पहाड़ फट गया था। चींघारसे। तथा उसो जगे पर भ० को चंडकोसीये सर्पने डंक दियाथा ओभौ स्थान बनाहै ऐसा वहांवाले कहते हैं श्रीग्यानीमहाराज जाने क्या है। ३-४८ यहांसे सौरोही सहर खुसको रस्ते को० ६ है वहां ध० मं० भ० के बहोतहै प्राचीन बड़ी लागतके यहांसे पोछा पोंडवाड़े पाना ॥ यहांसे रेलपर वैठकर आबु जाना। मो० २८ मा०।)
५० आवु टेशनको खडडी जंक्शन टेशन कहते हैं उतरना बजारमें ध० है तीर्थ पहाड़ परहै असवाव जरूरी साथमें उपर लेजाते है
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