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________________ [१६] स्साइजैक स्टडीज इन साउथ इंडियन जैनिज्म प्रो. रामस्वामी मायंगर । ससू०-सम्राट अकबर और सूरीश्वर-मुनि विद्याविजयजी (आगरा) सक्षदाएइ०सम क्षत्री ट्राइब्स इन एन्शियन्ट इंडिया-डा० विमलचरण ला। साम्स साम्स माफ दी ब्रदरेन । मुनि सुत्तनिपात (S. B. E.)। साइजै० स्टडीज इन साउथ इंडियन जैनिज्म प्रो. रामास्वामी मायंगर । हरि०=हरिवंशपुराण-श्री जिनसेनाचार्य (कलकत्ता)। .. हॉवे. हॉट गाफ जैनीज्मः मिसेन स्टोकेसन (सादन)। । हिस्ट्री लाफ दी मार्यन रूक इन इंडिया-हैवेल । हिग्ली =हिस्टोरीकल ग्लीनिंगस-डॉ. विमलचरण लॉ। हिटे:-हिन्दू टेल्स-जे. जे. मेयर्स । हिडाव०=हिन्दू ड्रामेटिक व विलसन् । हिप्रोइफि हिस्ट्री नाफ दी प्री-बुद्धिस्टिक इंडियन फिलासफी बारुमा (कलकत्ता)। हिलिन०=हिस्ट्रो एण्ड लिट्रेचर ऑफ जनीज्म-बारोदिया (१८०९) हिवि. हिन्दी विश्वकोष नागेन्द्रनाथ वसु (कलकत्ता)। क्षत्रीक्लेन्स-क्षत्रोक्लेन्स इन बुद्धिष्ट इंडिया-डा० विमलाचरणला। हमारू" " नानस नरूप Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035245
Book TitleSankshipta Jain Itihas Part 03 Khand 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKamtaprasad Jain
PublisherMulchand Kisandas Kapadia
Publication Year1937
Total Pages174
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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