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________________ "सम्मेद शिखर- विवाद क्यों और कैसा?" श्वेताम्बर मन्दिर अजमेर, सम्मेद शिखर- विवाद को लेकर "सम्मेद शिखर विवाद क्यों और कैसा ?'' शीर्षक पुस्तक का प्रकाशन कर रहा है। सम्मेद शिखर-विवाद को जिस तरह खड़ा किया गया और गलत प्रचार किया जा रहा है वह निश्चय ही जैन धर्म और जैन समाज की प्रतिष्ठा के कतई अनुकूल नहीं है । गलत तौर-तरीकों से विवाद खड़ा करना और राजनीतिक प्रभाव और झूठे प्रचार के माध्यम से अपने पक्ष को मजबूत करना समूचे समाज के साथ अपराध करना है। झूठे प्रचार का निराकरण करना आज की अनिवार्य आवश्यकता है। सुश्रावक एवं जागरूक चिन्तनशील वरिष्ठ पत्रकार श्री मोहनराज भण्डारी द्वारा लिखित और सम्पादित उक्त पुस्तक सही स्थिति से सभी को परिचित कराने में विशेष महत्वपूर्ण प्रमाणित होगी । पुस्तक की पाण्डुलिपी सरसरी नजर से देखी और पाया कि यह पुस्तक तो बहुत पहिले ही प्रकाशित हो जानी चाहिए थी। खैर । इस पुस्तक का व्यापक प्रचार-प्रसार कर समाज सेवा में पूरा-पूरा योगदान देना चाहिए। काश! इस पुस्तक का गुजराती भाषा में अनुवाद हो सके तो विशेष रूप से उपयोगी होगा । भादरा ( राजस्थान) - नित्यानन्द सूरीश्वर ता. 2 जून 1998 **** 17 आचार्य श्री हेमप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. प्रत्येक कार्य सिद्धि में बुद्धि-बल, धन-बल एवं एकता - बल की www.umaragyanbhandar.com Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat
SR No.035236
Book TitleSammetshikhar Vivad Kyo aur Kaisa
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMohanraj Bhandari
PublisherVasupujya Swami Jain Shwetambar Mandir
Publication Year1998
Total Pages140
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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