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________________ विषयानुक्रमणिका --**--- विषय पृष्ट विषय पृष्ट लेखकका परिचय वि. सं. १३६६ का शजय पर हमला २४ प्रस्तावना ...१ | उद्धार का प्रयत्न २४ विषयानुक्रमणिका दूसरा अध्याय. चित्र सूची कापरड़ा तीर्थ के लिये अपील | श्रेष्टि गोत्र और समरसिंह २८ भारत की दशा पहला अध्याय. महावीर भगवान् का शासन शत्रुजय तीर्थ साम्यता का प्रचार मंगलाचरण आचार्य स्वयंप्रभसूरि शत्रुजय महात्म्य प्राचार्य रत्नप्रभसूरि और मरुभूमि ३३ शत्रुजय तीर्थ की प्राचीनता उपकेशनगर में आगमन ३३ शत्रुजय तीर्थ के उद्धारक महाजन वंश बनाम उपकेश वंश ३४ जावड़शाह का उद्धार महाजन वंश के मुख्य १८ गोत्र ३५ शिलादित्य राजा का उद्धार सिद्धराज जयसिंह का उद्धार शुद्धि का प्रचार १० महाराजा कुमारपाल की यात्रा १२ उपकेशपुर और महावीर जिनालय ३८ वाहड़देव मंत्री का उद्धार १३ अष्टादश गोत्रों में श्रेष्ठि गोत्र भैशा शाह का संघ वैद्य मुहत्ता गोत्र वस्तुपाल और तेजपाल का संघ १४ वेसट श्रेष्ठि पूनाशाह का संघ किराटकूप नगर पेयड़शाह का संघ १५ | परमार जैत्रसिंह को वेसट का उपदेश ४५ नेतसी का संघ २० वरदेव । गुजरात प्रान्त में यवनों के अत्याचार २३ । जिनदेव और आचार्य कबसूरि ५२ www.umaragyanbhandar.com Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat
SR No.035229
Book TitleSamarsinh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherJain Aetihasik Gyanbhandar
Publication Year1931
Total Pages294
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size34 MB
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