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________________ और इन सब के बीच कभी गड़बड़ी न हो; सभी यथावत् चलता रहे-यह नियन्त्रण कौन करता है ? ६.-पथ्वी सतत वेग से घूमती हो, तो पृथ्वी से प्राधार रहित वायुयान अथवा अन्य किसो साधन से जाकर किसी अन्य ग्थल पर शीघ्र उतर कर पहुँचा जा सकता है क्या ? यदि ऐना हो सकता है तो रॉकेटों को पृथ्वी के आस-पास घूमने को क्या आवश्यकता है ? १०-पृथ्वी की दैनिक गति कितनी है ? और उसका निर्णय किस साधन से किया गया है ? ११-पृथ्वो की वार्षिक गति कितनी है ? और उसके निर्णय का आधार क्या है ? १२-चन्द्रपा क्यों घूमता है ? तया वह पृथ्वी के आस-पास क्यों घूमता है ? १३-चन्द्रमा अपनी धुरी पर घूमता है अथवा नहीं ? यदि नहीं घूमता है, तो उसका कारण क्या है ? १४-चन्द्रमा की गति का वेग कितना है ? उसके निर्णय का आधार क्या है ? १५-सूर्य भी अपने समस्त परिवार (ग्रहमाला) के साथ Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.035208
Book TitlePruthvi ke Akar evam Bhraman ke Vishay me Samikshtmak Prashnavali
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAbhaysagar
PublisherJambudwip Nirman Yojna
Publication Year1968
Total Pages26
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size5 MB
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