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कल्प
सूत्र
[भाग-8] दशाश्रुतस्कंध-अध्ययनं-८ "कल्पसूत्र"- (मूलं वृत्ति:)
.......... व्याख्यान - .......... मूलं 1 / गाथा - पूज्य आगमोद्धारकश्री संशोधिता मुनि दीपरत्नसागरेण संकलिता दशाश्रुतस्कंध-अध्ययन-८ कल्पसूत्र मूलं एवं विनयविजयजीरचिता वृत्तिः:
प्रत सूत्रांक
गाथा -
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रुषकार महकमे आलीये इजलास खास सरकार ससाना
आगमो प्यारथ तपागच्छा-यार्यश्री आनंद सागर सूरीजी सीयश्री माहाराज धीराज माहाराजा श्रीश्री १०८ श्री दिलीप सिंहजी साहय बहादुर ताश्य५नयम्या सन१८२१ सम्पत
| माहाराज ने हमारी इच्छानुसार ईससालसैलाने में यातु
मसिकीय..उनके अनेक विषयों पाव्याख्यान हु.योसु खरी नक़ल.
नकर हम रखुश हुचे. ईस शी में नीय लीप माफीक हक्म व पती अन्य सैलाना के 'दीयान दरबारः देने में आता है.
१ हरओक साल मीती. नादयावीदी१२ सेंमीती नाट्या जैन श्वेताम्बा मंदीर मार्गी माहाजनान सैलाना
दीप
जकल मुताबीच असल.
अनुक्रम
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शरीस्तदार दरबारीर
सैलाना
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... शैलाना-नगरस्य नृपेण (राजा) पूज्य आनन्दसागरसूरीश्वरं प्रदत्त खिताब:
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