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________________ आगम (४०) भाग-3 "आवश्यक- मूलसूत्र-१ (नियुक्ति:+चूर्णि:) 1 अध्ययनं , मूलं F /गाथा-], नियुक्ति: [१२-२०], भाष्यं H पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधिता मुनि दीपरत्नसागरेण संकलिता आगमसूत्र-[४०].मूलसूत्र-[१] आवश्यकनियुक्ति: एवं जिनभद्रगणिरचिता चूर्णि:-1 प्रत KE भाव पहुच्चदीनि CE1195 दीप अनुक्रम श्री ठाणत्थि, जति अस्थि एक्को वा दो वा तिणि वा, उक्कोसेणं पलिओवमस्स असंखेज्जतिभागो, पुष्वपडिवण्णए पहुच्च जहण्णपएस आवश्यक असंखेज्जा उक्कोसपएवि असंखेज्जा, जहण्णपयाओ उक्कोसे विससाधिका । खेतति, लोयस्स कि संखेज्जइभागे होज्जा जाव सत्पदाचूर्णी ज्ञानानि सबलोए, णो संखेज्जतिभागे होज्जा, नो संखेज्जेसु णो असंखेज्जेसु णो सव्वलोए ३। फुसणावि एमेव ४। कालतोएगजीवं पडुच्च लद्धी जहण्णेणं अंतोमुहुत्वं, उक्कोसेण छावद्विसागरोवपाई पुवकोडिपुहुत्तहियाणि, णाणाजीचे पड्डुच्च सम्वद्धं ५। सेसे तहेव । ॥२४॥ तं च आभिणिवोहियणाणं समासओ चउब्यिहं पण्णचं, तंजहा-दबओ खेत्तओ कालओ भावओ, दब्बतो ण आभिणिबोहिय |णाणी आदेसोणं सम्बदब्वाई जाणति, ण पासति, खेत्ततो ण आदेसेणं सब्बखत्तं जाणति, ण पासति, कालतो णं आएसेणं सव्वकालं जाणति, ण पासति, भावओ आएसेणं सब्वभावे जाणति, न पासति । इयाणिं एतस्स आभिणिवोहियणाणस्स पगाडिभेदपय-| IM रिसणत्थं इमं गाहापुन्बद्ध भण्णति, संजहा| आभिणियोहिय नाणे, अट्ठावीसं भवंति पगडीओ॥१६ अ॥ ता य इमा, तं०- छबिहो अत्थोग्गही सोई-1 दियाई, तमि छव्विहा चेव सोईदियाई ईहा पक्खिचा, तासि मज्झे सोइंदियाई छब्बिहो अवाओ पक्खितो, तासु छब्बिहा धारणा तहेव पक्खित्ता, तासु सोइंदियघाणिदियजिभिदियफासिंदियवंजणोग्गहो चउम्बिहो पक्खित्तो, जाया पगडी अट्ठावीसति ॥ 18 एवमेते आभिणिबोहियणाणं अट्ठावीसति, पगतिभेदं गयं ॥ इयाणि सुतणाणस्स पगडिमेयपदरिसणत्थं इमं गाहापच्छद्धं भण्णति-18 ठिी सुतणाणे पगडीओ वित्थरओ यावि वोच्छामि ॥१६५ ।। जातो सुयणाणे पगडीओ भवंति तातो वित्थरओ C॥२४॥ वणेहामि, अविसदो संभावणे, कि संभावयति?, दुविधो बक्खाणधम्मो, जहा-संखेबओ वित्थरतो य, तत्थ संखेवओ भणिहामि, IP kikikik [36]
SR No.035053
Book TitleSachoornik Aagam Suttaani 04 Aavashyak 1 Niryukti Evam Churni Aagam 40
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherParam Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad
Publication Year2017
Total Pages320
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_aavashyak
File Size25 MB
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