SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 312
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ आगम (४०) भाग-3 “आवश्यक"- मूलसूत्र-१ (नियुक्ति:+चूर्णि:) 1 अध्ययनं मूलं - गाथा-], नियुक्ति: [४९५/४९५], भाष्यं [११४...] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधिता मुनि दीपरत्नसागरेण संकलिता आगमसूत्र-[४०] मूलसूत्र-[१] आवश्यकनियुक्ति: एवं जिनभद्रगणिरचिता चूर्णि:-1 प्रत दीप अनुक्रम वाणियगामायावण आणंदो ओहि परिसहसहत्ति सावत्थीए वासं चित्ततयो साणुलट्ठि बहिं ॥ ४-३८०४९५ ॥ ॐ भद्राधाः आवश्यक | प्रातमा | ताहे वाणियग्गामं गतो, तस्स पाहिं पडिम ठितो, तत्थ आणंदो नाम समणोवासगो छदैछद्रेण आतावेति, तस्स य ओहि-18 बाण उप्पन, जाव तित्थगरं पेच्छति, तं बंदति णामसति, भणति य-अहो सामी परीसहा अधियासिज्जति, वागरेति य जहा उपाघातात एच्चिरेण कालेणं तुम केवलनाणं उप्पज्जिहिति पूजेति य । पच्छा सामी सावत्थि गतो, तत्थ दसमं वासार विचित्तं तवोकम्म ॥३०॥ ठाणादीहिं। पडिमा भद्दमहाभद्द सव्वतोभद पढमिया चउरो । अव य वीसाऽऽणंदे यहुलिय तह उज्झिति य दिव्वा ॥४-३९।४९६॥ ___ततो साणुलहितं णाम गामं गतो. तत्थ भई पडिम ठाति, केरिसिया भद्दा ', पृथ्वाहुत्तो दिवस अच्छति, पच्छा रचिं| दाहिणहुत्तो अवरेण दिवसं उचरेण रनिं, एवं छद्रेण भत्तेण णिहिता । तहवि ण चेव पारेति, अपारितो चेव महाभई ठाति, सा | पुण पुवाए दिसाए अहोरतं, एवं चउसुवि चत्तारि अहोरत्ता, एवं दसमेण णिहिता । ताहे अपारितो चेव सव्वतोभई पडिम ठाति, | सा पूण सव्वतोभद्दा इंदाए अहोरणे, पच्छा अग्गेयाए, एवं दसमुवि दिसासु सब्बासु, विमलाए जाई उडलोतियाणि दब्बाणि | वाणि शाति, तमाए हिडिल्लाई, चउरो दो दिवसा दो रातिओ, अह चत्तारि दिवसा चत्वारि रातीतो, वीसं दस दिवसा दस राईओ, ॥३००11 |एवं एसा दसहि दिवसेहिं बावीसइमेण णिहाति । पच्छा तासु सम्मत्चासु आणंदस्स गाहावतिस्स घरे बहुलियाए दासीए महाकणसिणीए भायणाणि खणीकरतीए दोसीर्ण छडेउकामाए सामी पविट्ठो, ताए भन्नति-किं भगवं ! एतेण अट्ठो, सामिणा पाणी ह [312]
SR No.035053
Book TitleSachoornik Aagam Suttaani 04 Aavashyak 1 Niryukti Evam Churni Aagam 40
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherParam Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad
Publication Year2017
Total Pages320
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_aavashyak
File Size25 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy