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________________ मूलाका : ५०+२१ आवश्यक मूल-सूत्रस्य विषयानुक्रम (भाग-१ से ३) दीप-अनुक्रमा: मलांक: अध्ययनं | पृष्ठांक सामायिक | पीठिका " ०१३ नियुक्ति | भाष्य भाग-11 1 २१८ --मंगलं ०१५ मलाक: अध्ययनं मूलांक: अध्ययनं २ | पृष्ठांक: ०१-०२ १-सामायिक 2/२९७ आवश्यक सटीकं (संक्षिप्त) विषयानुक्रम | नि./भा. --उपोदघात-निर्यक्ति: | पृष्ठांक | नि./भा. | अध्ययनं-१- सामायिक | पृष्ठांक: ०८१ -वीरआदिजिनवक्तव्यता । १४० ८९० नमस्कार-व्याख्या २११ ३४३ --भरतचक्री-कथानक १९४ ९१९ अर्हत, सिद्धादेः नियुक्ति: भा.०३९ --बलदेव-वासुदेव कथानकं । २२८ ९६० | सिद्धशिला वर्णनं २९२ भाग-21 ९९३ आचार्य-आदीनाम निक्षेपा: २९४ | -समवसरण वक्तव्यता ०३४ ५८८ --गणधर वक्तव्यता ०४३ १०१३ | सामायिक- व्याख्या, -दशधा सामाचारी ०५० | उद्देश-वाचना-अनुज्ञा आदिः ७५४ -निक्षेप, नय, प्रमाणादि ०८७ | सत्र स्पर्श भगा: ७७८ --निह्नव वक्तव्यता १२३ --- | सामायिक-उपसंहार: ७८९ -सामायिकस्वरुपम् १३९ ८१२ --गति आदि दवाराणि १४९. -ज्ञानस्य पञ्चप्रकारा: ०१३ --उपक्रम-आदिः ०९२ ६६६ पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधिता मुनि दीपरत्नसागरेण संकलिता आगमसूत्र-[४०] मूलसूत्र-[१] आवश्यकनियुक्ति: एवं जिनभद्रगणिरचिता चूर्णि:-1 [10]
SR No.035053
Book TitleSachoornik Aagam Suttaani 04 Aavashyak 1 Niryukti Evam Churni Aagam 40
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherParam Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad
Publication Year2017
Total Pages320
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_aavashyak
File Size25 MB
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